Edited By Tanuja,Updated: 12 Aug, 2026 04:33 PM

पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान के उस दावे से इमरान खान की सुरक्षा को लेकर सनसनी फैल गई है, जिसमें उन्होंने तीन कथित GHQ अधिकारियों के हवाले से इमरान के जीवित न होने की आशंका जताई। PTI ने मुलाकात नहीं होने पर 20 लाख लोगों के आंदोलन की चेतावनी दी...
Islamabad: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने दावा किया है कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय यानी GHQ के कम से कम तीन वरिष्ठ अधिकारियों को आशंका है कि इमरान खान अब जीवित नहीं हैं।इसी बीच उनकी पार्टी PTI ने कहा है कि इमरान खान तक परिवार, वकीलों और डॉक्टरों की पहुंच नहीं होने पर देश में बड़ा आंदोलन किया जा सकता है। पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने 10 अगस्त को अपने यूट्यूब कार्यक्रम में दावा किया कि GHQ में तैनात तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अलग-अलग तरीके से ऐसी आशंका जाहिर की है कि इमरान खान शायद अब जीवित नहीं हैं। लेकिन पत्रकार ने खुद स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों ने इमरान खान को मृत नहीं देखा है और उनके पास इसकी प्रत्यक्ष पुष्टि नहीं है। इसलिए यह फिलहाल एक अपुष्ट दावा और आशंका है, न कि इमरान खान की मौत की पुष्टि।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं ने उनकी जेल में मुलाकात को लेकर चिंता जताई। पार्टी का कहना है कि परिवार, वकीलों और निजी डॉक्टरों को पूर्व प्रधानमंत्री तक पहुंच हासिल करने में परेशानी हो रही है। इसी वजह से उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। इमरान खान की स्थिति को लेकर बढ़ते विवाद के बीच PTI नेता और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने बड़े जन आंदोलन की चेतावनी दी है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के 20 लाख से ज्यादा समर्थक सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई तो पार्टी पहले विरोध प्रदर्शन करेगी और आगे बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेगी। PTI पहले ही 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च की घोषणा कर चुकी है।
यह पहली बार नहीं है जब इमरान खान की जेल में मौत की अफवाह सामने आई हो। इससे पहले भी ऐसी खबरें सोशल मीडिया पर फैली थीं। बाद में उनके परिवार की ओर से मुलाकात और बयानों के जरिए उन अफवाहों को खारिज किया गया था। इस बार स्थिति इसलिए ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि एक पत्रकार ने कथित सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया है और साथ ही PTI परिवार तथा पार्टी नेताओं को इमरान से मिलने देने की मांग कर रही है। गौरतलब है कि इमरान खान की जेल स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठते रहे हैं। अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने पहले उनकी और बुशरा बीबी की हिरासत की परिस्थितियों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री के सामने मुद्दा उठाया था।