Edited By Tanuja,Updated: 01 Aug, 2026 02:49 PM

PoJK में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए पूर्व JKLF कमांडर कमांडर फारूक की इलाज के दौरान मौत हो गई। स्थानीय रिपोर्टों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी का आरोप लगाया गया है। वहीं, प्रदर्शनकारी बुनियादी अधिकारों और राजनीतिक सुधारों की...
Peshawar: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पूर्व जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) कमांडर कमांडर फारूक की मौत हो गई है। 85 वर्षीय फारूक रावलाकोट में प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के दौरान इस्लामाबाद के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 28 जुलाई को रावलाकोट बस टर्मिनल के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी। आरोप है कि इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में फारूक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, कमांडर फारूक का संबंध अतीत में JKLF से रहा था और वह 1990 के दशक में भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे थे। दावा किया गया है कि उन्होंने पहले पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में सेवा दी और बाद में JKLF से जुड़ गए। स्थानीय स्रोतों का यह भी दावा है कि फारूक ने 1990 के दशक में रावलाकोट स्थित एक प्रशिक्षण शिविर का नेतृत्व किया था, जहां बड़ी संख्या में JKLF से जुड़े आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
PoJK में 5 जून से प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करने, सस्ती बिजली और गेहूं जैसी बुनियादी सुविधाओं सहित कई मांगें उठा रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों और प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस आंदोलन के दौरान अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, ब्रिटेन में भी PoJK मूल के लोगों ने लंदन के हाइड पार्क से पाकिस्तान उच्चायोग तक मार्च निकालकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी की।