ब्रिटेन में इमरान ख़ान के करीबी व सलाहकार पर जानलेवा हमला,  टूट गई नाक और जबड़ा

Edited By Updated: 25 Dec, 2025 06:18 PM

imran khan s former aide attacked in uk pti says concerned about safety

ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे इमरान ख़ान के पूर्व सहयोगी मिर्ज़ा शाहज़ाद अकबर पर कैम्ब्रिज में हमला हुआ, जिसमें उनकी नाक और जबड़ा टूट गया। PTI ने इसे राजनीतिक असंतुष्टों के खिलाफ बढ़ते ‘ट्रांसनेशनल दमन’ से जोड़ा है।

London: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के करीबी और उनकी सरकार में जवाबदेही मामलों के सलाहकार रहे मिर्ज़ा शाहज़ाद अकबर पर ब्रिटेन में जानलेवा हमला किया गया है। इस हमले में अकबर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अनुसार, यह हमला कैम्ब्रिज स्थित उनके घर पर किया गया। पार्टी का दावा है कि 25–30 वर्ष के एक हमलावर ने अकबर के चेहरे पर लगातार मुक्के मारे, जिससे उनकी नाक और जबड़ा फ्रैक्चर हो गया। खुद अकबर ने पाकिस्तानी अख़बार डॉन को भेजे संदेश में पुष्टि करते हुए कहा,“मुझ पर हमला हुआ है। मैं अस्पताल में हूं, शरीर पर चोटें और फ्रैक्चर हैं।”

 

PTI ने इस हमले को राजनीतिक असंतुष्टों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अहमद शरीफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकबर को लेकर सवाल पूछा गया था, जिस पर उन्होंने कहा था कि वे “उनका चेहरा तक नहीं देखना चाहते।”गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब शाहज़ाद अकबर को निशाना बनाया गया हो।नवंबर 2023 में उनके ब्रिटेन स्थित घर पर एसिड अटैक किया गया था। उस समय अकबर ने आरोप लगाया था कि उन्हें अल-क़ादिर ट्रस्ट केस में इमरान ख़ान के खिलाफ गवाही देने के लिए डराया जा रहा है।

 

अकबर ने हाल के महीनों में धमकी भरे संदेश मिलने का भी दावा किया है और अप्रैल 2024 में उन्होंने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ UK अदालत में मुकदमा भी दायर किया था।इस बीच, पाकिस्तान की एक अदालत अकबर को सोशल मीडिया से जुड़े एक मामले में भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर चुकी है, जबकि पाकिस्तानी गृह मंत्री द्वारा उनके प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन को औपचारिक दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। हाल ही में ब्रिटिश संसद की संयुक्त मानवाधिकार समिति की रिपोर्ट में भी पाकिस्तान पर आरोप लगाया गया कि वह विदेशों में रह रहे असंतुष्टों के खिलाफ ट्रांसनेशनल रेप्रेशन धमकी, हिंसा और इंटरपोल नोटिस के दुरुपयोग का सहारा ले रहा है।

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