Edited By Tanuja,Updated: 24 May, 2026 07:43 PM

भारत और रूस ने सैन्य सहयोग को और मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय सेना-सेना वार्ता की। नई दिल्ली में हुई बैठक में रक्षा उत्पादन, ऑपरेशनल तालमेल, अंतरिक्ष सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने भविष्य में संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाने और...
International Desk: भारत और रूस ने एक बार फिर अपनी मजबूत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए सैन्य सहयोग पर अहम बातचीत की है। नई दिल्ली में भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन (IRIGC) के तहत 5वीं सब वर्किंग ग्रुप (लैंड) बैठक आयोजित की गई, जिसमें भारतीय सेना और रूसी लैंड फोर्सेस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। भारतीय सेना ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सैन्य क्षमता और ऑपरेशनल सहयोग को और मजबूत करना था। बातचीत के दौरान संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और भविष्य की रक्षा जरूरतों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद रूसी प्रतिनिधिमंडल ने शत्रुजीत ब्रिगेड का दौरा भी किया, जहां अतिरिक्त रक्षा सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया गया। भारतीय सेना ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण रही। इससे पहले रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने भारत दौरे के दौरान कहा था कि दोनों देशों के बीच रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष सहयोग और उर्वरक आपूर्ति जैसे अहम क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस मिलकर हथियारों के संयुक्त उत्पादन और स्पेस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
रूस ने यह भी साफ किया है कि वह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देश ऐसे तंत्र विकसित कर रहे हैं, जिससे तीसरे देशों के दबाव और प्रतिबंधों का असर द्विपक्षीय व्यापार और रणनीतिक संबंधों पर न पड़े। इस बीच क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह एक साल के भीतर उनकी दूसरी भारत यात्रा होगी। भारत और रूस के बीच यह बढ़ता सैन्य और रणनीतिक सहयोग ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव तेजी से बढ़ रहे हैं और कई देश नए रक्षा गठजोड़ बना रहे हैं।