Edited By Tanuja,Updated: 11 Feb, 2026 04:45 PM

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन एक तरफ़ विरोध को “बरकत” बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ़ शर्तों के साथ उसे कुचलने की धमकी दे रहे हैं। परमाणु हथियारों से इनकार, अमेरिका-विरोधी नारे और सख़्त लहजा ईरान की दोहरी नीति फिर उजागर हुई है।
International Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक बयान में कहा है कि “विरोध प्रदर्शन एक बरकत है”—लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ऐसी शर्तें जोड़ दीं, जिनसे साफ़ हो गया कि ईरान में विरोध की इजाज़त सिर्फ़ काग़ज़ों तक सीमित है। पेज़ेश्कियन ने कहा कि लोग विरोध कर सकते हैं, बशर्ते वे कुछ न तोड़ें, कुछ न जलाएं, किसी को न मारें और विदेशी ताक़तों से मदद न मांगें। उन्होंने यह भी कहा कि “असली ईरानी ऐसा नहीं करते।” राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसका सीधा मतलब है आप विरोध कर सकते हैं, जब तक आप वास्तव में विरोध न करें।
🇮🇷 Iranian President: Protest is a blessing. But if you actually protest we'll kill you.
"Just don't destroy anything, burn anything, kill anyone, or ask foreigners for help. Real Iranians don't do that."
You can protest as long as you don't protest.pic.twitter.com/7SPmP7xTGm https://t.co/p6SJLFeKtR
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 11, 2026
सड़कों पर नफ़रत के नारे, सत्ता का संरक्षण
इसी दौरान ईरान में इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर हुए सरकारी समर्थित प्रदर्शनों में भीड़ ने “डेथ टू अमेरिका” और “डेथ टू इज़राइल” के नारे लगाए। कुछ जगहों पर स्टार ऑफ़ डेविड लगे बाल (Baal) के पुतले जलाए गए। बाल को कुछ समूह वैश्विक साज़िशों और “एलीट नेटवर्क” का प्रतीक मानते हैं, जिसे लेकर जेफ्री एपस्टीन जैसे नामों से जोड़ने की कोशिशें भी होती रही हैं।
🇮🇷 Crowds burned a Baal effigy with a Star of David and yelled “Death to Israel.”
Some folks treat Baal like this catch-all symbol for shady elite stuff, even tying it to people like Jeffrey Epstein.pic.twitter.com/7QsYUbR1Zl https://t.co/oWHqNT5Ds9
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 11, 2026
परमाणु मुद्दे पर वही पुरानी दलील
ईरान के राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन उन्होंने पश्चिमी देशों पर अविश्वास की दीवार खड़ी करने का आरोप लगाया।
पेज़ेश्कियन ने कहा, “हम सत्यापन के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका और यूरोप ने इतना ऊँचा अविश्वास का दीवार खड़ा कर दिया है कि वास्तविक कूटनीति मर जाती है।” उनका साफ़ संदेश था-“उकसावे बंद करो। ईरान तुम्हारी अत्यधिक मांगों के आगे नहीं झुकेगा।”
🇮🇷 Iran's President: We're not building nukes, you just don't believe us
Pezeshkian says they're ready for verification but the US and Europe built "a tall wall of mistrust" that kills any real diplomacy.
His message: Stop the provocations. "Iran will not bow down to your… https://t.co/SaOsShAaPD pic.twitter.com/8XRK4AMhoW
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 11, 2026
सत्ता बनाम जनता
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बातचीत चल रही है, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त यह है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ़ वार्ता, दूसरी तरफ़ सड़कों पर अमेरिका-विरोधी नारे ह विरोधाभास ईरान की रणनीति को और संदेहास्पद बनाता है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरानी नेतृत्व विरोध को तब तक “लोकतांत्रिक अधिकार” कहता है, जब तक वह सत्ता के लिए ख़तरा न बने।
लेकिन जैसे ही आवाज़ें तेज़ होती हैं—दमन, गिरफ़्तारी और हिंसा उसका जवाब बन जाते हैं।