Edited By Pardeep,Updated: 21 Sep, 2026 06:18 AM

फ्रांस और बेल्जियम के बाद अब इटली की सरकार भी बुर्का और नकाब पर बैन लगाने जा रही है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन 'जियोवेंतू नाजियोनाले' के फेस्टिवल 'फेनिक्स' में एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा...
इंटरनेशनल डेस्क: फ्रांस और बेल्जियम के बाद अब इटली की सरकार भी बुर्का और नकाब पर बैन लगाने जा रही है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन 'जियोवेंतू नाजियोनाले' के फेस्टिवल 'फेनिक्स' में एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की।
स्कूलों में चेहरा ढकने पर रोक और क्लास में विदेशी छात्रों की सीमा
संसद के सामने लाए जा रहे नए प्रस्ताव के तहत स्कूलों में चेहरा ढकने पर पाबंदी लगाई जाएगी और हर क्लास में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय की जाएगी। इसके अलावा, जिन विदेशी छात्रों को स्कूल में घुलने-मिलने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं, उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा।
इतालवी बच्चों को अल्पसंख्यक नहीं बनने दिया जाएगा: मेलोनी
प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्पष्ट किया कि इटली के क्लासरूम में इतालवी बच्चों का खुद को अलग-थलग या अल्पसंख्यक महसूस करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को 'इंटीग्रेशन' (एकीकरण) कहना एक झूठ और विचारधारा के सहारे जीने वालों का एक सुविधाजनक तरीका है।
यूरोप में प्रवासन और बुर्का बैन का दायरा
गौरतलब है कि फ्रांस और बेल्जियम में बुर्का व नकाब पर रोक पहले से लागू है और हाल ही में ऑस्ट्रिया के स्कूलों में भी इसे लागू किया गया है। भूमध्य सागर के बीच बसा इटली प्रवासियों की सबसे ज्यादा आमद झेलने वाले यूरोपीय देशों में शामिल है, जिसके कारण प्रवासन वहां की सरकारों के लिए लगातार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।