स्विट्जरलैंड में शांति की नई उम्मीद, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ईरानी और कतर मध्यस्थों की बैठक में गहन मंथन

Edited By Updated: 21 Jun, 2026 05:53 PM

meeting underway between iranian qatari delegation in switzerland

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल और कतर के मध्यस्थों के बीच बैठक जारी है। पाकिस्तान के साथ भी अलग से बातचीत होगी। चार-पक्षीय बैठक में ईरान, अमेरिका, कतर और पाकिस्तान शामिल होंगे, जहां 18 जून को हुए...

International Desk: स्विट्जरलैंड के पर्वतीय रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता से पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरानी सरकार के अनुसार, ईरानी वार्ता दल और कतर के मध्यस्थों के बीच महत्वपूर्ण बैठक जारी है, जबकि पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के साथ अलग से परामर्श भी निर्धारित किया गया है। ईरान सरकार ने बताया कि इन बैठकों का उद्देश्य 18 जून को हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (Islamabad Memorandum) के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना और उसके अनुपालन की रूपरेखा तैयार करना है।

 

चार देशों की होगी अहम बैठक
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, रविवार दोपहर एक चार-पक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें  ईरान,  अमेरिका, कतर, पाकिस्तान के प्रतिनिधि भाग लेंगे। ईरान के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि 14-सूत्रीय समझौते पर दोबारा हस्ताक्षर नहीं होंगे। बातचीत का केंद्र उसके क्रियान्वयन, निगरानी और आगे की कार्यप्रणाली तय करना रहेगा। स्विट्जरलैंड पहुंचने के बाद ईरानी विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अपने पहले आधिकारिक कार्यक्रम में स्विस विदेश मंत्री Ignazio Cassis से मुलाकात की।  दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिरता और चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

 

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा
स्विस विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल तथा मध्यस्थ देशों कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधि बर्गेनस्टॉक पहुंच चुके हैं।  यहीं पर अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित वार्ता शुरू होने वाली है। इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार Strait of Hormuz अभी भी बंद है। एक सैन्य सूत्र ने बताया कि Islamic Revolutionary Guard Corps Navy ने अगले आदेश तक जहाजों को मार्ग उपयोग की अनुमति देना बंद रखा है।

 

यदि यह स्थिति जारी रहती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य ही है। स्विट्जरलैंड में होने वाली ये वार्ताएं केवल अमेरिका और ईरान के संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि इस्लामाबाद समझौते का सफल क्रियान्वयन होता है तो क्षेत्र में तनाव कम होने और समुद्री व्यापार मार्गों के सामान्य होने की संभावना बढ़ सकती है।
 

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