Edited By Tanuja,Updated: 04 Apr, 2026 01:22 PM

Karachi के ऐतिहासिक सागन मेसन भवन में भगवान कृष्ण की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटना की कड़ी निंदा हुई है। Fakir Shiva Kachhi ने इसे अल्पसंख्यकों की भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताया और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
International Desk: पाकिस्तान के शहर कराची (Karachi) के एम.ए. जिन्ना रोड स्थित एक ऐतिहासिक इमारत सागन मेसन में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय और सामाजिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है।फकीर शिवा कच्ची (Fakir Shiva Kachhi) जो पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद (Pakistan Darawar Ittehad) के चेयरमैन हैं, ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इमारत को नुकसान नहीं, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत और धार्मिक सद्भाव पर हमला है।
उन्होंने बताया कि यह इमारत 1937 में बनी थी और इसमें हिंदू धार्मिक प्रतीकों की ऐतिहासिक मौजूदगी रही है। मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करना न केवल धार्मिक अपमान है, बल्कि साझा विरासत को नष्ट करने जैसा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस मामले की पारदर्शी जांच हो, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, इस ऐतिहासिक इमारत की तुरंत मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। इस घटना के बाद अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं, ताकि धार्मिक सद्भाव बना रहे।