बच्चों को स्कूल से छुट्टी करवा  घूमने ले गई मां, सरकार ने ठोक दिया 60 हजार रुपए जुर्माना

Edited By Updated: 11 Jul, 2026 05:21 PM

mum fined 480 for taking kids on holiday during school

ब्रिटेन में चार बच्चों को स्कूल से पांच दिन की छुट्टी दिलाकर स्पेन घूमने गई एक महिला पर 480 पाउंड (करीब 60 हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया। महिला का कहना है कि स्कूल की छुट्टियों में यात्रा करने से खर्च कहीं अधिक होता, इसलिए जुर्माना भरना भी फायदे...

London: ब्रिटेन में एक मां को अपने बच्चों को स्कूल से छुट्टी दिलाकर परिवार के साथ विदेश घूमने जाना महंगा पड़ गया। डेवोन की रहने वाली 36 वर्षीय शार्लोट क्राउच पर स्थानीय प्रशासन ने 480 पाउंड (करीब 60 हजार रुपए) का जुर्माना लगाया, क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को बिना आधिकारिक अनुमति के स्कूल से पांच दिन की छुट्टी दिलाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शार्लोट अपने पति और चार बच्चों के साथ 1 जून को स्पेन के ग्रैन कैनारिया गई थीं। यह यात्रा उनके पिता और सौतेली मां की शादी की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए थी। 

 

ब्रिटेन में क्या है नियम?
ब्रिटेन के नियमों के अनुसार, यदि कोई छात्र बिना स्कूल की अनुमति के छुट्टी लेकर घूमने जाता है, तो उसके माता-पिता पर प्रति बच्चे 80 पाउंड का जुर्माना लगाया जा सकता है। समय पर भुगतान नहीं करने पर यह राशि दोगुनी हो सकती है और मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है। हालांकि शार्लोट ने बच्चों की अनुपस्थिति की जानकारी पहले ही स्कूल को दे दी थी और यह नहीं छिपाया कि वे परिवार के साथ छुट्टियां मनाने जा रहे हैं। लेकिन लौटने के करीब एक महीने बाद उन्हें तीन बच्चों की गैर-हाजिरी के लिए कुल 480 पाउंड का जुर्माना भरने का नोटिस मिला।

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'जुर्माना भरा, फिर भी लाखों की बचत हुई'
शार्लोट का कहना है कि यदि वे स्कूल की आधिकारिक छुट्टियों में यात्रा करते, तो पूरे परिवार की छुट्टियों का खर्च करीब 2,500 पाउंड (लगभग 2.9 लाख रुपये) अधिक आता। ऐसे में जुर्माना भरने के बाद भी उन्हें अच्छी-खासी बचत हुई। शार्लोट का मानना है कि बच्चों की शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान बच्चों ने तैराकी सीखी, डॉल्फ़िन को प्राकृतिक वातावरण में देखा, हवाई यात्रा का अनुभव लिया और नई संस्कृति को समझा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर बच्चों की GCSE जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं होतीं, तो वह कभी उन्हें स्कूल से छुट्टी नहीं दिलातीं।

 

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने नियमित स्कूल उपस्थिति को जरूरी बताया, जबकि कई यूजर्स ने कहा कि परिवार के साथ बिताया गया समय भी बच्चों के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  

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