Edited By Pardeep,Updated: 01 Sep, 2026 06:19 AM

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक जलविद्युत परियोजना (हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट) की सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश के लिए चलाया गया बड़ा बचाव अभियान बिना किसी सफलता के समाप्त हो गया है। सेना और इंजीनियरों के दल ने थर्मल ड्रोन की मदद से सुरंग के...
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच एक जलविद्युत परियोजना (हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट) की सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश के लिए चलाया गया बड़ा बचाव अभियान बिना किसी सफलता के समाप्त हो गया है। सेना और इंजीनियरों के दल ने थर्मल ड्रोन की मदद से सुरंग के अंतिम छोर तक सघन खोज की, लेकिन वहां कोई भी जीवित नहीं मिला।
रसुवागढ़ी प्रोजेक्ट की सुरंग में खोज बंद
रसुवा जिले में स्थित 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के कारण कम से कम 93 श्रमिकों के फंसे होने की आशंका थी, जो अब भी लापता हैं। नेपाली सेना के जवानों, इंजीनियरों और एक ड्रोन टीम ने बेहद कठिन और खतरनाक परिस्थितियों में सुरंग के भीतर थर्मल ड्रोन से जांच की। हालांकि, सुरंग के अंतिम छोर तक किसी भी व्यक्ति के मौजूद होने का कोई संकेत नहीं मिला, जिसके बाद खोज अभियान को बंद कर दिया गया और बचाव दल धुंचे वापस लौट आया है।
मलबे और बाढ़ के बीच जिंदगी की जंग, 900 से अधिक मौतें
नेपाल में बुधवार से शुरू हुई इस भीषण आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 4,500 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ के समय सैकड़ों श्रमिक अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में जमीन के नीचे सुरंगों में काम कर रहे थे। नेपाल के 'राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण' (NDRRMA) के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े कुल 933 लोग लापता हैं। बचाव कर्मी अभी भी इस कशमकश में हैं कि लापता लोग सुरंगों में फंसे हैं, ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर भाग गए हैं, या बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं।
अब तक 279 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू
इस गंभीर संकट के बीच राहत की खबर यह है कि बचाव दल ने अब तक विभिन्न हाइड्रोपावर सुरंगों से 279 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें से 254 लोगों को अपर त्रिशूली-1 परियोजना से और 18 लोगों को लांगटांग खोला साइट से बचाया गया है।
दूसरी ओर, 'इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल' (IPPAN) ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि रसुवा और नुवाकोट जिलों की 11 जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 897 कर्मचारी अभी भी पूरी तरह से संपर्क से बाहर हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं, लेकिन लापता लोगों की बढ़ती संख्या ने परिजनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।