Edited By Purnima Singh,Updated: 13 Mar, 2026 12:45 PM

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हालिया सैन्य कार्रवाई में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक प्रमुख वैज्ञानिक की मौत हो गई है। इजरायली प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि इजरायल द्वारा किए गए हमलों से ईरान की सैन्य और सुरक्षा...
Israel-Iran War: बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हालिया सैन्य कार्रवाई में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक प्रमुख वैज्ञानिक की मौत हो गई है। इजरायली प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि इजरायल द्वारा किए गए हमलों से ईरान की सैन्य और सुरक्षा संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
सैन्य ठिकानों और सुरक्षा बलों को बनाया गया निशाना
नेतन्याहू के अनुसार हाल के हमलों में ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और उसके परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ने से रोकना है।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान Islamic Revolutionary Guard Corps और Basij जैसे संगठनों से जुड़े ढांचे को भी निशाना बनाया गया। इजरायल का मानना है कि ये संस्थाएं ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और शासन संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ईरानी नेतृत्व पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत में बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हालिया हमलों के बाद ईरानी नेतृत्व दबाव में है और सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहा है। नेतन्याहू ने यह संकेत भी दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो इजरायल भविष्य में और भी कड़े कदम उठा सकता है। हालांकि उन्होंने आगे की सैन्य रणनीति के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
ईरानी जनता को दिया संदेश
इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने बयान में ईरान की जनता को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात देश के भीतर राजनीतिक बदलाव की संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि अंततः ईरान के भविष्य का फैसला वहां की जनता को ही करना होगा।
अमेरिका के साथ समन्वय का दावा
नेतन्याहू ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इजरायल और अमेरिका के बीच करीबी तालमेल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी नियमित बातचीत डोनाल्ड ट्रम्प से हो रही है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग जारी है। इजरायल का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने से रोकना है।
ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इन दावों पर फिलहाल ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि ईरानी नेतृत्व ने अपने संदेश में हमलों का जवाब देने की बात दोहराई है। साथ ही ईरान की ओर से यह संकेत भी दिया गया कि अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं तो क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने की दिशा में बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।