Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Mar, 2026 02:00 PM

दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपनी महत्वाकांक्षी मुफ्त बिजली योजना में एक कड़ा बदलाव करने जा रही है। अब उन उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट नहीं मिलेगी जिनके घर बंद पड़े हैं या जहां बिजली की खपत शून्य के बराबर है। सरकार का तर्क है कि जो लोग बिजली का...
Delhi Electricity Subsidy New Rules : दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपनी महत्वाकांक्षी मुफ्त बिजली योजना में एक कड़ा बदलाव करने जा रही है। अब उन उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट नहीं मिलेगी जिनके घर बंद पड़े हैं या जहां बिजली की खपत शून्य के बराबर है। सरकार का तर्क है कि जो लोग बिजली का इस्तेमाल ही नहीं कर रहे उन्हें सब्सिडी देने का कोई औचित्य नहीं है।
क्या है नया नियम और क्यों पड़ी जरूरत?
अभी तक दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर बिल पूरी तरह से शून्य आता था। इस जीरो बिल में फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charge) भी शामिल होता था जिसे सरकार अपनी जेब से बिजली कंपनियों को देती थी लेकिन अब सरकार ने पाया है कि हजारों ऐसे कनेक्शन हैं जो डोरमेंट (निष्क्रिय) हैं। ये वे घर हैं जहां लोग नहीं रहते या जिन्होंने सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए एक ही घर में कई मीटर लगवा लिए हैं। नए नियमों के बाद ऐसे उपभोक्ताओं को हर महीने करीब ₹200 तक का फिक्स्ड चार्ज अपनी जेब से भरना पड़ सकता है।
सब्सिडी के बढ़ते बोझ ने सरकार को चौंकाया
आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 सालों में सब्सिडी का बोझ बेतहाशा बढ़ा है:
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2015-16: ₹1,442.76 करोड़
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2025-26: ₹4,000 करोड़ से ज्यादा
दिसंबर 2025 तक दिल्ली के 62 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 58.72 लाख लोग सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं जिससे सरकारी खजाने पर भारी दबाव पड़ रहा है।
डोरमेंट उपभोक्ताओं की ऐसे होगी पहचान
अधिकारियों ने पाया कि 2020 से 2025 के बीच बिजली कनेक्शनों में 12 लाख की वृद्धि हुई जबकि पानी के कनेक्शन उतने नहीं बढ़े। इससे साफ है कि कई लोगों ने सब्सिडी के लिए फर्जी तरीके से अलग-अलग मीटर लगवाए हैं। अब सरकार एक न्यूनतम बिजली खपत (Minimum Unit Limit) तय करेगी। यदि आपकी महीने की खपत उस सीमा से कम रहती है तो आप सब्सिडी के हकदार नहीं होंगे। खासकर सर्दियों में जब लोग बाहर होते हैं या एसी/पंखे नहीं चलते तब डोरमेंट मीटरों की पहचान करना आसान होगा।