Edited By Mehak,Updated: 28 Feb, 2026 12:46 PM

ईरान पर इज़रायल के प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक की घोषणा के बाद देश में तनाव चरम पर है। इज़रायल डिफेंस फोर्स ने पूरे देश में सायरन बजाए, मोबाइल अलर्ट भेजे और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा। स्कूल-कॉलेज बंद, सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द और एयरस्पेस...
इंटरनेशनल डेस्क : ईरान के खिलाफ Preemptive (पहले से चेतावनी देकर किया गया) सैन्य कार्रवाई की घोषणा के बाद इज़रायल में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई है। देशभर में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और नागरिकों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इज़रायल में क्या हो रहा है?
Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए पूरे देश में सायरन बजाए गए। लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट भेजे गए हैं, जिनमें उन्हें सुरक्षित स्थानों के पास रहने को कहा गया है।IDF का कहना है कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है, क्योंकि इज़रायल पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हो सकता है। सेना ने साफ तौर पर नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित जगहों के आसपास ही रहें।
राष्ट्रीय आपातकाल और एयरस्पेस बंद
इज़रायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने पूरे देश में विशेष आपातकाल की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान की ओर से नागरिक इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है। सुरक्षा कारणों से इज़रायल ने अपना हवाई क्षेत्र भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे इज़रायली सीमा में प्रवेश न करें।
इसके अलावा :
- सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
- सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर रोक लगा दी गई है।
- लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है।
सरकार का कहना है कि ये सभी कदम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं।
तेहरान में धमाकों की खबर
दूसरी ओर, ईरान की राजधानी Tehran में कई धमाकों की सूचना मिली है। ईरानी मीडिया के अनुसार, शहर के कुछ इलाकों में मिसाइलें गिरने की खबर है। सरकारी सूत्रों ने मध्य तेहरान में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की पुष्टि की है। हालांकि, अब तक नुकसान या किसी के हताहत होने को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
हमले की वजह और आगे की आशंका
इज़रायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि यह सैन्य कार्रवाई देश के खिलाफ मंडरा रहे “तत्काल खतरों” को रोकने के लिए की गई है। उनका दावा है कि यह कदम आत्मरक्षा के तहत उठाया गया है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़े, तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।