टूटने की कगार पर पाकिस्तानः बलूचिस्तान से PoK तक भड़की बगावत की आग, देश के हो सकते 4 टुकड़े

Edited By Updated: 20 Jul, 2026 06:28 PM

trouble for pakistan on four fronts is a new nation on the horizon

पाकिस्तान इस समय बलूचिस्तान में बीएलए, खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी, पीओके में विरोध प्रदर्शनों और अफगानिस्तान सीमा पर तनाव जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि सोशल मीडिया पर देश के टूटने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक...

International Desk: पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक सुरक्षा संकटों में से एक का सामना कर रहा है। एक ओर बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमले तेज हो गए हैं, तो दूसरी ओर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) खैबर पख्तूनख्वा में लगातार सुरक्षा बलों को निशाना बना रही है। इसके साथ ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन और अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान के साथ बढ़ते तनाव ने इस्लामाबाद की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के "चार टुकड़े होने" या "तत्काल गृहयुद्ध" जैसी बातें अभी दावे और अटकलें हैं। मौजूदा हालात गंभीर जरूर हैं, लेकिन ऐसा होने की पुष्टि किसी आधिकारिक या स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था ने नहीं की है।

 

बलूचिस्तान में हमले
बलूचिस्तान में बीएलए लगातार पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले कर रही है। हाल के महीनों में कई सैन्य काफिलों, पुलिस चौकियों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। बलूच संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तान ने दशकों से क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया है और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी की है। वहीं पाकिस्तान सरकार इन संगठनों को आतंकवादी संगठन मानती है।

 

खैबर पख्तूनख्वा में TTP का खूनी अभियान
खैबर पख्तूनख्वा और पूर्व कबायली इलाकों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) लगातार पुलिस और सेना पर हमले कर रही है। हाल के महीनों में कई पुलिस चौकियों पर हमले, आत्मघाती विस्फोट और घात लगाकर किए गए हमलों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी को अफगानिस्तान की सीमा पार से समर्थन मिल रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।

 

PoK में भी बढ़ रहा असंतोष
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में महंगाई, बिजली संकट और प्रशासनिक नीतियों के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।
कुछ स्थानीय संगठनों ने अधिक स्वायत्तता और कुछ समूहों ने पाकिस्तान से अलग होने की मांग भी उठाई है। हालांकि पूरे क्षेत्र में अलगाववाद की एक जैसी स्थिति नहीं है और हालात अलग-अलग इलाकों में अलग हैं।

 

अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव
डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार हमलों और आतंकियों को संरक्षण देने के आरोप लगाते रहे हैं। कई बार सीमा पर गोलीबारी और ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 के अनुसार पाकिस्तान में वर्ष 2025 के दौरान आतंकवादी घटनाओं और मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान अब एक साथ कई सुरक्षा मोर्चों पर लड़ रहा है, जिससे सेना और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

   
सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक टिप्पणियों में पाकिस्तान के चार टुकड़े होने के दावे किए जा रहे हैं। पाकिस्तान गंभीर सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक संकट से जरूर गुजर रहा है, लेकिन उसके तत्काल विघटन या गृहयुद्ध की घोषणा जैसी कोई विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार इन आंतरिक चुनौतियों का समाधान नहीं कर पाती तो अस्थिरता और बढ़ सकती है।

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