न्यायालय ने बाइडन के जलवायु मिशन के लिए राहें कठिन कीं

Edited By PTI News Agency,Updated: 01 Jul, 2022 07:41 PM

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वाशिंगटन, एक जुलाई (एपी) जलवायु परिवर्तन के सबसे विनाशकारी प्रभावों से पृथ्वी को बचाने की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की उम्मीद भले ही पूरी तरह खत्म नहीं हुई हो, लेकिन राह जरूर कठिन है।

वाशिंगटन, एक जुलाई (एपी) जलवायु परिवर्तन के सबसे विनाशकारी प्रभावों से पृथ्वी को बचाने की अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की उम्मीद भले ही पूरी तरह खत्म नहीं हुई हो, लेकिन राह जरूर कठिन है।

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय का एक फैसला न केवल पर्यावरण संरक्षण एजेंसी की बिजली संयंत्रों द्वारा जलवायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की क्षमता को सीमित करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि न्यायालय तेल, गैस और कोयले द्वारा उत्सर्जित जलवायु को नुकसान पहुंचाने वाले धुएं को सीमित करने के बाइडन और संघीय एजेंसियों के अन्य प्रयासों को भी अवरुद्ध करने के लिए तैयार है।

यह अगले कुछ वर्षों में उत्सर्जन में कमी को लेकर बाइडन की प्रतिबद्धता के लिए एक झटका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के बदतर और घातक स्तरों को मुलतवी करने के लिए छोड़ दिया गया है और यह एक संकेत है कि देश में डेमोक्रेट और विदेशों में सहयोगियों के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोच को पलटने के लिए बाइडन के पास विकल्प कम हो गए हैं। ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन के विज्ञान का मज़ाक उड़ाया था।

ट्रंप के कार्यकाल के दौरान नियुक्त किए गए तीन न्यायाधीशों ने बृहस्पतिवार के न्यायालय के 6-3 के फैसले में सकारात्मक मतों को लेकर अपनी आधी भागीदारी निभाई।

इस संबंध में एक अनुभवी डेमोक्रेटिक सांसद ने स्वीकार किया कि उन्हें कांग्रेस से किसी भी सार्थक जलवायु कानून के निर्माण की बहुत कम उम्मीद है। रोड आइलैंड सीनेटर शेल्डन व्हाइटहाउस ने कहा, "इस गड़बड़ी से निपटने में कांग्रेस की ओर से कोई आसान समाधान नहीं (उपलब्ध) है।"
जिन विदेशी सहयोगियों से बाइडन ने एक बार वैश्विक स्तर पर स्वच्छ-ऊर्जा के उपायों की ओर अग्रसर होने की बात कही थी, वे (सहयोगी) सोच रहे हैं कि क्या अमेरिका खुद भी उस पर अमल करेगा।

एक एजेंसी में नागरिक प्रवर्तन के पूर्व निदेशक एरिक शेफर ने एक बयान में कहा कि बाइडन की पर्यावरण सुरक्षा एजेंसियों के पास अब भी सार्थक कदम मौजूद हैं, लेकिन इस दिशा में जल्दी आगे बढ़ना होगा।

बाइडन ने दशक के अंत तक देश के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को आधा करने और 2035 तक उत्सर्जन-मुक्त ऊर्जा क्षेत्र बनाने का संकल्प लिया है।

उन्होंने एक बयान में कहा, "जलवायु परिवर्तन के खिलाफ हमारी लड़ाई को आगे बढ़ना चाहिए और यह (बढ़कर) रहेगा।"
बाइडन ने कहा कि उनकी टीम संघीय कानून के दायरे में उपाय ढूंढे़गी और अमेरिकियों को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से बचाने की कवायद जारी रखेगी।

एपी सुरेश नेत्रपाल नेत्रपाल 0107 1940 वाशिंगटन

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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