Edited By Tanuja,Updated: 18 Apr, 2026 04:01 PM

विदेश मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ टकराव में “प्रतीकात्मक जीत” चाहते हैं जैसे तेहरान एयरपोर्ट से यूरेनियम हटाने की तस्वीर। यह रणनीति बातचीत को जटिल बना रही है, हालांकि समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है।
International Desk: विदेश मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ टकराव में “प्रतीकात्मक जीत” चाहते हैं जैसे तेहरान एयरपोर्ट से यूरेनियम हटाने की तस्वीर। यह रणनीति बातचीत को जटिल बना रही है, हालांकि समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। ईरान टकराव में ‘इमेज पॉलिटिक्स’ का बड़ा खेल: त्रिकोण में फंसी बातचीत, ट्रंप की असली जीत का प्लान? विदेश मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि इस टकराव में रणनीति के साथ-साथ “दिखावे” की राजनीति भी अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप एक ऐसी तस्वीर चाहते हैं, जिसमें ईरान का समृद्ध यूरेनियम तेहरान एयरपोर्ट से हटाकर अमेरिकी विमान में ले जाया जा रहा हो। उनके अनुसार, ऐसी तस्वीर को दुनिया के सामने “ईरान की हार” के रूप में पेश किया जा सकता है। सचदेव का मानना है कि ईरान इस तरह की किसी भी प्रतीकात्मक हार को स्वीकार नहीं करेगा, इसलिए बातचीत फिलहाल अटकी हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि समझौते की संभावना अभी भी लगभग 51% बनी हुई है।उन्होंने यह भी बताया कि भारत के लिए अमेरिकी छूट के कारण रूसी तेल की उपलब्धता राहत दे सकती है।
मौजूदा संकट में खाड़ी देशों से सप्लाई सामान्य होने में काफी समय लग सकता है, इसलिए रूस से मिलने वाला तेल भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उन्होंने कहा कि इसका खुला रहना बहुत जरूरी है, लेकिन ईरान इसके बदले में कीमत मांग सकता है। यह कीमत प्रतिबंध हटाने, विदेशों में जमा पैसे और आर्थिक मुआवजे के रूप में हो सकती है। सचदेव ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच भी तनाव है। नाटो को लेकर ट्रंप की नाराजगी सिर्फ रक्षा खर्च नहीं, बल्कि यूरोप की नीतियों और सोच से भी जुड़ी हुई है।