Edited By Tanuja,Updated: 02 May, 2026 05:10 PM

रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों ने मध्य पूर्व की स्थिति, परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz में नौवहन की स्वतंत्रता पर चर्चा की। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया, जबकि रूस ने ईरान के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत करने की...
International Desk:रूस और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergei Lavrov) और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व में जारी तनाव, युद्धविराम की संभावनाओं और क्षेत्र में स्थिरता लाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही (freedom of navigation) और वैश्विक व्यापार पर इसके असर पर भी बात हुई। दोनों देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
रूस ने साफ कहा कि वह कूटनीतिक और राजनीतिक समाधान के जरिए क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता है। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)ने सेंट पीटर्सबर्ग में ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि रूस ईरान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है और क्षेत्र में जल्द शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei का संदेश मिला है।