Edited By Tanuja,Updated: 16 Jun, 2026 05:50 PM

वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस के बीच चल रही बहस के बीच अमेरिका की एक स्टार्टअप फाउंडर ने कर्मचारियों को हफ्ते में पांच दिन ऑफिस बुलाने का अनोखा तरीका अपनाया है। कंपनी कर्मचारियों के पेट्रोल, पार्किंग, भोजन और अन्य खर्च उठाती है, जिससे ऑफिस आना उनके लिए...
International Desk: वर्क फ्रॉम होम (WFH) और वर्क फ्रॉम ऑफिस (WFO) को लेकर दुनियाभर की कंपनियों में बहस जारी है। कई कंपनियां कर्मचारियों को दोबारा ऑफिस बुलाने के लिए सख्ती अपना रही हैं, लेकिन अमेरिका की एक स्टार्टअप फाउंडर ने इसके लिए एक अलग ही रास्ता चुना है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। अमांडा झू (Amanda Zhu), जो टेक कंपनी Recall.ai की सह-संस्थापक हैं, ने लिंक्डइन पर बताया कि उनकी कंपनी चाहती है कि कर्मचारी सप्ताह के पांचों दिन ऑफिस आएं। इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय उनकी कई बड़ी जिम्मेदारियां खुद उठा ली हैं।
अमांडा के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को में पेट्रोल की कीमत 6 से 7 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच जाती है। इसलिए कंपनी कर्मचारियों के ईंधन का खर्च अपने कॉर्पोरेट कार्ड से देती है। यही नहीं, कंपनी कर्मचारियों के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है, जिनमें पेट्रोल का खर्च, पार्किंग शुल्क, नाश्ता, लंच, डिनर व स्नैक्स शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि जब कर्मचारियों को रोजमर्रा के इन खर्चों की चिंता नहीं होगी, तो वे अपने काम और प्रदर्शन पर बेहतर ध्यान दे सकेंगे। अमांडा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर कंपनी चाहती है कि लोग रोज ऑफिस आएं, तो ऑफिस को घर से ज्यादा सुविधाजनक बनाना होगा। उनका मानना है कि कर्मचारियों को ऑफिस आने के लिए मजबूर करने के बजाय ऐसा माहौल देना चाहिए, जहां वे खुद आना चाहें।
यह पोस्ट वायरल होने के बाद टेक इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने अपनी राय दी। एक यूजर ने लिखा कि उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण काम का परिणाम है, चाहे कर्मचारी घर से काम करें या ऑफिस से। वहीं दूसरे यूजर ने कंपनी की नीति की तारीफ करते हुए कहा कि पार्किंग और आने-जाने जैसे खर्च कर्मचारियों पर नहीं डाले जाने चाहिए। महामारी के बाद से दुनिया भर में कंपनियां यह तय करने की कोशिश कर रही हैं कि कर्मचारियों को घर से काम करने दिया जाए या ऑफिस बुलाया जाए। ऐसे में अमांडा झू का मॉडल इस बहस में एक नया दृष्टिकोण पेश करता है, कर्मचारियों को आदेश देकर नहीं बल्कि सुविधाएं देकर ऑफिस लाया जाए।