Edited By Anu Malhotra,Updated: 09 Jul, 2026 11:58 AM
Super Typhoon Bavi: टाइफून बावी, जो एक बहुत बड़ा और खतरनाक ट्रॉपिकल साइक्लोन है, इस हफ़्ते के आखिर में जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा के पास तेज़ी से पहुंच सकता है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, मंगलवार सुबह 3 बजे (स्थानीय समय) तक, इस...
Super Typhoon Bavi: टाइफून बावी, जो एक बहुत बड़ा और खतरनाक ट्रॉपिकल साइक्लोन है, इस हफ़्ते के आखिर में जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा के पास तेज़ी से पहुंच सकता है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, मंगलवार सुबह 3 बजे (स्थानीय समय) तक, इस सीज़न का नौवां टाइफून प्रशांत महासागर में मारियाना द्वीप समूह के पास 30 किलोमीटर प्रति घंटे (kph) की रफ़्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसमें 270 kph तक की तेज़ हवाएं चल रही थीं और इसके केंद्र में वायुमंडलीय दबाव 920 हेक्टोपास्कल था। हालांकि बीती रात इसकी रफ्तार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और हवाएं करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं, लेकिन तूफान का खतरा अभी भी गंभीर बना हुआ है।
उम्मीद है कि यह टाइफून उत्तर की ओर मुड़ जाएगा और शुक्रवार या शनिवार के आसपास बहुत तेज़ रफ़्तार के साथ ओकिनावा के पास पहुंच सकता है। JMA ने लोगों से ताज़ा मौसम की जानकारी और चेतावनियों पर नज़र रखने की अपील की है। जैसे-जैसे बावी पास आएगा, गुरुवार से ओकिनावा और कागोशिमा के अमामी इलाके के आस-पास समुद्र में लहरें बहुत तेज़ हो सकती हैं। साथ ही, शुक्रवार से ओकिनावा में मौसम बहुत खराब हो सकता है और भारी बारिश हो सकती है, जिसके लिए चेतावनी भी जारी की जा सकती है। टाइफून के रास्ते के आधार पर, जापान के दक्षिण-पश्चिमी मुख्य द्वीप क्यूशू के दक्षिणी हिस्से के पास भी समुद्र में लहरें तेज़ हो सकती हैं।
कहां-कहां पर दिखेगा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान आने वाले दिनों में ताइवान, पूर्वी चीन और जापान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सामान पहले से जुटाने की सलाह दी है।
कितना खतरनाक है तूफान
टाइफून बावी का दायरा बेहद विशाल है। यह अपने सबसे बड़े फैलाव में करीब 1,000 किलोमीटर क्षेत्र को कवर कर रहा है, जो लगभग फ्रांस की चौड़ाई के बराबर है। चीन के मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह तूफान ताइवान के उत्तरी हिस्से के पास से गुजरते हुए शनिवार शाम तक चीन के पूर्वी फुजियान प्रांत के तट से टकरा सकता है। ताइवान के मौसम अधिकारियों के अनुसार, आकार के मामले में यह 1987 के बाद आने वाले सबसे बड़े तूफानों में शामिल है। इतने बड़े क्षेत्र में फैले तूफान हाल के वर्षों में बहुत कम देखने को मिले हैं।
Climate Change और El Nino से बढ़ रही चिंता
वैज्ञानिकों का कहना है कि बदलते मौसम के पैटर्न और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण दुनिया में शक्तिशाली चक्रवातों की संभावना बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, El Nino Effect के कारण समुद्र की सतह का तापमान बढ़ सकता है। यही वजह है कि आने वाले समय में ऐसे तूफानों की तीव्रता और नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। मौसम एजेंसियों का अनुमान है कि अगर बावी अपनी मौजूदा ताकत बनाए रखता है, तो यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 2024 के Super Typhoon Kong-rey के बाद सबसे शक्तिशाली तूफानों में शामिल हो सकता है।
Emergency Grab Bag तैयार रखने की सलाह
ताइवान प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति Lai Ching-te ने लोगों से भोजन, पानी, टॉर्च और अन्य जरूरी सामान तैयार रखने की अपील की है। उन्होंने आपात स्थिति के लिए एक Emergency Grab Bag तैयार रखने की सलाह दी है, जिसमें ऐसी चीजें हों जो संकट के दौरान कुछ दिनों तक मदद कर सकें।
Japan में High Alert
जापान की मौसम एजेंसी ने दक्षिणी क्षेत्र Okinawa Prefecture के लोगों को अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने तेज हवाओं, समुद्री लहरों, भूस्खलन और बाढ़ की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा है।
China और Taiwan पर भारी असर की आशंका
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की रफ्तार में थोड़ी कमी आने के बावजूद बावी एक खतरनाक तूफान बना रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि शुक्रवार से सोमवार के बीच ताइवान और पूर्वी चीन के कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और नुकसान की स्थिति बन सकती है। तूफान के रास्ते में मामूली बदलाव भी इसके प्रभाव को काफी बदल सकता है।
क्या भारत पर पड़ेगा असर?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, Typhoon Bavi का भारत पर सीधा खतरा नहीं है। इसका रास्ता प्रशांत महासागर से ताइवान, चीन और जापान की ओर है, इसलिए भारत के किसी तटीय क्षेत्र में इसके सीधे पहुंचने की संभावना नहीं है। हालांकि, इतने बड़े तूफानों का क्षेत्रीय मौसम पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। बावी के कारण फिलीपींस और दक्षिण चीन सागर के आसपास मानसूनी हवाएं ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं। इससे वहां भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे बड़े तूफान एशिया की मौसम प्रणालियों को प्रभावित करते हैं और कई बार दूर-दराज के क्षेत्रों में भी मौसम के बदलाव का कारण बनते हैं।
टाइफून बावी फिलहाल एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक बड़ा मौसम खतरा बना हुआ है। ताइवान, चीन और जापान ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं, जबकि वैज्ञानिक इसकी दिशा और ताकत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।