Edited By Pardeep,Updated: 20 Jun, 2026 06:08 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा बयान दिया है।
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान अब "खत्म" हो चुका है और उन्होंने कसम खाई है कि तेहरान को अमेरिका से “एक भी सेंट” यानी एक भी पैसा नहीं मिलेगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की सैन्य क्षमताओं और भविष्य की बातचीत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ी हुई है।

ईरान की सैन्य ताकत हुई तबाह
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी पोस्ट के जरिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और दावा किया कि युद्ध ने ईरान की मिलिट्री काबिलियत को पूरी तरह तबाह कर दिया है। उन्होंने लिखा, “ईरान के पास अब न तो एयर फोर्स है, न नेवी, न एंटी-एयरक्राफ्ट इक्विपमेंट और न ही रडार। असल में अब उसके पास कुछ भी नहीं बचा है।” ट्रंप ने उन डेमोक्रेट्स का भी मजाक उड़ाया जो ईरान को पहले से बेहतर स्थिति में बता रहे थे।
14-पॉइंट समझौते पर हुए हस्ताक्षर
भले ही ट्रंप का रुख कड़ा है, लेकिन शांति की दिशा में एक बड़ा कदम भी उठाया गया है। बुधवार शाम को राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से 14-पॉइंट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुई जंग को खत्म करना है।

60 दिन की डेडलाइन और पाकिस्तानी मध्यस्थता
इस समझौते के तहत वॉशिंगटन और तेहरान के बीच 60 दिनों तक बातचीत चलेगी, ताकि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों पर किसी अंतिम फैसले पर पहुंचा जा सके। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस टाइमलाइन के दौरान भी तेहरान को कोई वित्तीय राहत नहीं दी जाएगी।
वहीं, इस पूरी डील में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ (Mediator) की अहम भूमिका निभाई है। समझौते की शर्तों के अनुसार, ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोल देगा, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा।