Edited By Tanuja,Updated: 22 Jun, 2026 02:01 PM

व्हाइट हाउस में आयोजित मेडल ऑफ ऑनर समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को सेवानिवृत्त मेजर Nicholas Dockery के गले में पदक पहनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। क्लैस्प बंद न होने पर ट्रंप ने रिबन को गांठ लगाकर बांधा। घटना का वीडियो सोशल...
Washington: व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में आयोजित एक प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान Medal of Honor को पहनाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मौजूद लोगों की हंसी छूट गई और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह समारोह सेवानिवृत्त अमेरिकी सेना के मेजर Nicholas Dockery को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था। डॉकेरी को वर्ष 2012 में अफगानिस्तान में तालिबान के घातक हमले के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए यह सम्मान दिया गया।
मेजर डॉकेरी की वीरता की प्रशंसा करने के बाद ट्रंप उनके पास पहुंचे और मेडल ऑफ ऑनर उनके गले में पहनाने लगे। लेकिन पदक के रिबन के पीछे लगे क्लैस्प को बंद करने में उन्हें कठिनाई हुई।
कई बार कोशिश करने के बावजूद जब क्लैस्प सही तरह से नहीं लगा तो ट्रंप ने अंततः रिबन के सिरों को एक गांठ में बांध दिया और सम्मान प्रक्रिया पूरी की। घटना के दौरान ट्रंप ने डॉकेरी से कुछ हल्की-फुल्की बातें भी कीं और बाद में उनके कंधे पर हाथ रखकर बधाई दी। समारोह में मौजूद वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सैन्य कमांडर और अन्य अतिथि इस अप्रत्याशित स्थिति पर मुस्कुराते और हंसते नजर आए। हालांकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के आगे बढ़ा और सम्मान समारोह की गरिमा बरकरार रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे औपचारिक समारोह में ट्रंप के लिए असहज पल बताया। कुछ टिप्पणीकारों ने इसे शर्मनाक स्थिति करार दिया। ट्रंप समर्थकों ने कहा कि मेडल ऑफ ऑनर के औपचारिक क्लैस्प अक्सर जटिल होते हैं। लाइव टेलीविजन कार्यक्रमों में ऐसी तकनीकी दिक्कतें किसी के साथ भी हो सकती हैं।
कौन हैं मेजर निकोलस डॉकेरी?
मेजर निकोलस डॉकेरी (Nicholas Dockery) को अफगानिस्तान में तालिबान के हमले के दौरान अपने घायल साथियों को बचाने और दुश्मन की गोलीबारी के बीच बार-बार अपनी जान जोखिम में डालने के लिए सम्मानित किया गया। उनकी बहादुरी को अमेरिकी सेना की असाधारण वीरता के उदाहरण के रूप में देखा जाता है।समारोह के दौरान ट्रंप ने वियतनाम युद्ध के दिग्गज James Capers Jr को भी मेडल ऑफ ऑनर प्रदान किया। दिवंगत मरीन कर्नल John W. Ripley को मरणोपरांत सम्मानित किया, जिसे उनके परिवार ने स्वीकार किया। कुछ क्षणों की तकनीकी असुविधा के बावजूद समारोह का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी सैन्य वीरों के साहस, बलिदान और देश सेवा को सम्मानित करना रहा। अंत में तीनों सैन्य नायकों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि और सम्मान दिया गया।