Edited By Tanuja,Updated: 15 Sep, 2026 02:39 PM

ईरानी पत्रकार बासिम लालेह ने असीम मुनीर की क्षेत्रीय भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत की तारीफ की। उन्होंने ईरान-यूएई संवाद, BRICS में भारत की भूमिका और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उल्लेख किया। लालेह ने...
New Delhi: पश्चिम एशिया में बदलते शक्ति संतुलन को लेकर ईरानी पत्रकार बासिम लालेह की टिप्पणी चर्चा में है। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की क्षेत्रीय भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका की जमकर तारीफ की। लालेह ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में प्रभाव का संतुलन बदल रहा है और क्षेत्रीय मुद्दों पर भारत की आवाज पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। लालेह ने मुनीर को संबोधित करते हुए “मिस्टर मुनीर, आप बर्खास्त हैं” जैसी टिप्पणी की। उन्होंने तर्क दिया कि पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर पेश करता रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम मुद्दों पर वह अपनी प्रभावी भूमिका साबित नहीं कर पाया।
भारत को बताया बढ़ती ताकत
ईरानी पत्रकार ने पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती सक्रियता को ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के साथ उसके संबंधों से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसे संवादों में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिनका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने BRICS में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता और कूटनीतिक सक्रियता ने नई दिल्ली की आवाज को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह में और मजबूत किया है।लालेह ने BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, यह बैठक इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय देश पुराने मतभेदों के बावजूद आपसी सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं। उन्होंने इस बदलते समीकरण में भारत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
होर्मुज पर पाकिस्तान को घेरा
लालेह ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े क्षेत्रीय घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को क्षेत्रीय सुरक्षा का बड़ा खिलाड़ी बताता है, लेकिन वह पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभाने में सफल नहीं रहा। उन्होंने इसी संदर्भ में भारत की कूटनीतिक सक्रियता को पाकिस्तान से आगे बताया। ईरानी पत्रकार ने पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलों को भी उसकी क्षेत्रीय प्रभाव क्षमता से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों पर पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता ने उसकी स्वतंत्र रूप से प्रभाव डालने की क्षमता को कमजोर किया है। लालेह ने भारत की संवाद, व्यापार और आर्थिक सहयोग पर आधारित नीति की तुलना पाकिस्तान से करते हुए कहा कि नई दिल्ली की क्षेत्रीय स्वीकार्यता बढ़ रही है।
युद्ध को लेकर नया दावा
लालेह ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर एक बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले दो महीनों में क्षेत्र में युद्ध का अंत देखने को मिल सकता है। उन्होंने इसके पीछे ईरान और यूएई जैसे देशों के बीच बढ़ते संवाद और सहयोग को प्रमुख कारण बताया। लालेह की टिप्पणी ऐसे समय आई जब नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। भारत ने सम्मेलन की मेजबानी की और प्रधानमंत्री मोदी ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। लालेह के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बदलते समीकरण और BRICS में भारत की सक्रियता यह संकेत देती है कि नई दिल्ली अब क्षेत्रीय कूटनीति में पहले की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली भूमिका निभा रही है।