Edited By Tanuja,Updated: 18 Jul, 2026 12:08 PM

अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट का दावा किया, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया। तेहरान ने जमीनी हमला होने पर कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर...
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार खतरनाक होता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकर समुद्री माइंस से टकराने के बाद विस्फोट का शिकार हो गए। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे झूठा बताया है। इसी बीच अमेरिका ने लगातार सातवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों, हथियार भंडारों और नौसैनिक क्षमताओं को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सेना ने ईरान में जमीनी अभियान शुरू किया, तो ईरानी सेना कुवैत और बहरीन में प्रवेश कर वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगी।
अमेरिकी हमलों में कई अहम ठिकाने बने निशाना
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी हमलों में सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द सहित कई रणनीतिक इलाकों को निशाना बनाया गया। वहीं ईरान का कहना है कि चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे व्यावसायिक जहाजों की निगरानी प्रभावित हुई है। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चाबहार पोर्ट स्थित भारत द्वारा संचालित शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ईरान ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी हमलों में उसके बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद सरकार ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की है ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
ईरान का कतर में अमेरिकी एयरबेस पर हमला
ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदैद एयरबेस पर हमला कर HIMARS रॉकेट सिस्टम, मिसाइलों और अन्य सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, चाबहार पर हुए हमले के जवाब में ईरान क्षेत्र के उन पांच प्रमुख बंदरगाहों को निशाना बना सकता है, जो अमेरिकी सैन्य या व्यापारिक हितों से जुड़े हैं। IRGC ने कहा है कि जिन देशों की जमीन का इस्तेमाल अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए कर रहा है, वे अपनी जनता को संभावित सैन्य ठिकानों से दूर रखें और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करें, क्योंकि जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।
ईरान के संभावित निशाने:
- UAE का जेबेल अली पोर्ट
- बहरीन का मीना सलमान पोर्ट
- कुवैत का शुआइबा पोर्ट
- कतर का हमाद पोर्ट
- सऊदी अरब का किंग फहद इंडस्ट्रियल पोर्ट
- अमेरिकी ठिकानों की मेजबानी करने वाले देशों को भी चेतावनी
होर्मुज में थाई जहाज पर हमला, जॉर्डन ने गिराईं 10 मिसाइलें
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थाईलैंड के झंडे वाले एक जहाज को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि जहाज ने उसकी चेतावनियों की अनदेखी की थी। हालांकि थाईलैंड सरकार ने अभी इस घटना की पुष्टि नहीं की है।ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी मिसाइल हमलों में होर्मोजगान प्रांत के जस्क शहर में बिजली सुविधाओं और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले डिसैलिनेशन प्लांट के पंपों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कई गांवों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई।ईरान के खुर्रमाबाद शहर में कई विस्फोटों की खबर है। वहीं जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया। जॉर्डन के अनुसार, इस कार्रवाई में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।