मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग की आग: अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर किया भीषण हमला

Edited By Updated: 27 Jun, 2026 06:31 AM

us military launches massive attack on iran s missile and drone bases

मध्य पूर्व में जारी शांति प्रयासों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर भीषण हमले किए।

वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में जारी शांति प्रयासों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों पर भीषण हमले किए। वाशिंगटन ने तेहरान पर एक मालवाहक जहाज (cargo ship) पर हमला करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद इस जवाबी कार्रवाई ने पहले से ही नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) को खतरे में डाल दिया है।

ट्रंप ने बताया संघर्ष विराम का 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई ईरानी सेना द्वारा व्यापारिक जहाजों के खिलाफ की गई "अकारण आक्रामकता" का करारा जवाब है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले को संघर्ष विराम समझौते का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" करार दिया। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरीक (Sirik) के ताहेरौयेह पियर (Taherouyeh pier) पर एक जोरदार धमाका सुना गया, जो किसी प्रोजेक्टाइल के प्रभाव के कारण हुआ था।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार पर संकट
ईरान ने चेतावनी दी है कि कोई भी जहाज उसकी अनुमति के बिना हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में प्रवेश न करे। इसके बावजूद, कई जहाज ओमान के तट के साथ गैर-अनुमोदित मार्गों का उपयोग करके अपनी यात्रा जारी रख रहे हैं। हालांकि, इस ताजा तनाव के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जो इस उम्मीद को दर्शाती है कि इस रणनीतिक मार्ग से व्यापारिक आवाजाही जल्द ही सामान्य हो जाएगी।

लेबनान के साथ शांति समझौता: ईरान और हिजबुल्ला को बड़ा झटका
इस बीच, इजरायल और लेबनान ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक ऐतिहासिक शांति ढांचे पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे "स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए एक रूपरेखा" बताया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस समझौते को ईरान के खिलाफ एक बड़ी जीत करार देते हुए कहा कि ईरान का लेबनान में अब कोई दखल नहीं रहेगा। हालांकि, ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने इस समझौते का कड़ा विरोध किया है और चेतावनी दी है कि यह लेबनान को गृहयुद्ध की ओर धकेल सकता है।

परमाणु हथियारों पर IAEA की कड़ी नजर
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने आगाह किया है कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपाय होने चाहिए ताकि वह परमाणु हथियार विकसित न कर सके। समझौते के अनुसार, ईरान के समृद्ध यूरेनियम के भंडार को IAEA की निगरानी में कम (downblend) किया जाना अनिवार्य है।

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