इस्लामिक क्रांति दिवस पर बोले खामेनेईः ईरान की एकता दुश्मनों की सबसे बड़ी हार, इच्छाशक्ति ही असली राष्ट्रीय शक्ति

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 02:46 PM

khamenei urges nation to frustrate enemy on islamic revolution anniversary

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ पर देशवासियों से एकजुट होकर दुश्मनों को निराश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति हथियारों से नहीं, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प से बनती है।

International Desk: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई ने इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के मौके पर देशवासियों से एकजुटता और दृढ़ संकल्प दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी ही दुश्मनों की साजिशों को नाकाम कर सकती है। ईरानी सरकारी प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, 11 फरवरी को होने वाली वार्षिक रैलियों से पहले दिए गए अपने टेलीविजन संदेश में खामेनेई ने इस दिन को ईरानी राष्ट्र की शक्ति, गरिमा और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया।

 

उन्होंने कहा, “हर साल बहमन 22 (11 फरवरी) ईरानी राष्ट्र की ताकत और सम्मान को दुनिया के सामने उजागर करता है।” खामेनेई ने ईरानी जनता को दृढ़, जागरूक और परिस्थितियों को समझने वाला बताया। खामेनेई ने 1979 की इस्लामिक क्रांति को “महान विजय” करार देते हुए कहा कि इस दिन ईरान ने खुद को विदेशी दखल से आज़ाद कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि तब से अब तक बाहरी ताकतें लगातार इस उपलब्धि को कमजोर करने की कोशिश करती रही हैं। उन्होंने कहा, “ईरानी राष्ट्र आज भी मजबूती से खड़ा है और इसका सबसे बड़ा प्रतीक 11 फरवरी है।”

 

उन्होंने दावा किया कि दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो, जहां आज़ादी के दिवस पर हर साल इतनी व्यापक और निरंतर जनभागीदारी देखने को मिलती हो। खामेनेई के अनुसार, ये रैलियां उन ताकतों को पीछे हटने पर मजबूर करती हैं, जो ईरान और उसके हितों पर नजर गड़ाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति का असली स्रोत हथियार नहीं, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति, एकता और धैर्य है। “दुश्मनों को निराश करो,” यह संदेश दोहराते हुए उन्होंने कहा कि जब तक विरोधी हतोत्साहित नहीं होते, तब तक किसी भी राष्ट्र पर खतरा बना रहता है।

 

उन्होंने एकता, मजबूत संकल्प, प्रेरणा और बाहरी दबावों के सामने डटे रहने को ईरान की ताकत का आधार बताया। खामेनेई ने देश के युवाओं से विज्ञान, नैतिकता और भौतिक व आध्यात्मिक विकास में आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि यही चीजें राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल की 11 फरवरी की रैलियां भी ईरान की वैश्विक स्थिति को और ऊंचाई देंगी, जैसा कि पिछले वर्षों में देखा गया है।

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