Edited By Tanuja,Updated: 07 Jan, 2026 06:39 PM

दिल्ली से श्रीनगर के बीच शुरू हुई वंदे भारत ट्रेन को एडवोकेट ज़रगर पठानवी ने ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय का आभार जताया। यह ट्रेन कश्मीर में यात्रा को आसान बनाकर विकास, भरोसे और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूती...
National Desk: दिल्ली से श्रीनगर को जोड़ने वाली नई वंदे भारत ट्रेन सेवा के शुभारंभ का देशभर में स्वागत किया जा रहा है। राष्ट्रीय समाज सुधार संगठन (RSSS) के राष्ट्रीय प्रमुख एडवोकेट ज़रगर पठानवी ने इस पहल को जम्मू-कश्मीर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम यात्रा को सरल बनाने के साथ-साथ लोगों के दिल जीतने और भरोसा मजबूत करने की दिशा में अहम है। एडवोकेट पटनवी ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय से किया गया वादा अब ज़मीन पर साकार हुआ है।
उन्होंने कहा कि आम जनमानस में देशभक्ति के प्रतीक के रूप में जानी जाने वाली यह वंदे भारत ट्रेन सेवा एक बड़ी बुनियादी ढांचा उपलब्धि है। दिल्ली से श्रीनगर तक सीधी रेल कनेक्टिविटी, सीमित ठहराव और आधुनिक सुविधाओं के साथ जम्मू-कश्मीर के लोगों की यात्रा संबंधी परेशानियों को काफी हद तक कम करेगी।एडवोकेट पठानवी के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी कश्मीर के लोगों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने, आपसी विश्वास बढ़ाने और क्षेत्रीय एकीकरण को मजबूत करने का सकारात्मक प्रयास है।
करीब 800 किलोमीटर की दूरी को 13 घंटे से कम समय में तय करने वाली यह सेवा उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के प्रमुख हिस्सों के पूरा होने के बाद कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क में एक नया अध्याय जोड़ती है। दिल्ली–श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन केवल एक नई रेल सेवा नहीं, बल्कि कश्मीर के विकास, प्रगति और राष्ट्रीय एकीकरण का प्रतीक है, जो घाटी को देश से और अधिक मज़बूती से जोड़ती है।
प्रमुख तथ्य
ऐतिहासिक कनेक्टिविटी: दिल्ली और श्रीनगर के बीच पहली सीधी रेल सेवा
यात्रा समय: लगभग 13 घंटे, बस और पारंपरिक मार्गों से तेज़ विकल्प
इंजीनियरिंग चमत्कार: USBRL परियोजना में 36 सुरंगें (119 किमी) और 943 पुल, जिनमें विश्व प्रसिद्ध चिनाब ब्रिज शामिल
विशेष सुविधाएं: सब-ज़ीरो तापमान के लिए उन्नत हीटिंग सिस्टम, एंटी-फ्रॉस्ट विंडशील्ड और आधुनिक वंदे भारत सुविधाएं
आर्थिक लाभ: सेब, पश्मीना शॉल, हस्तशिल्प जैसे स्थानीय उत्पादों के परिवहन में सुविधा, लागत में कमी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूतीपरिचालन व्यवस्था: ट्रेनें कटरा (जम्मू) से श्रीनगर के लिए सप्ताह में कई दिन अलग-अलग समय स्लॉट में संचालित