Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 Mar, 2026 04:13 PM

Gold Storage Rule: भारत में सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि मुसीबत के समय का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है। शादियों का सीजन हो या निवेश की बात, भारतीयों का पहला प्यार सोना ही रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लॉकर में रखा यह कीमती पीला मेटल...
Gold Storage Rule: भारत में सोना केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि मुसीबत के समय का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है। शादियों का सीजन हो या निवेश की बात, भारतीयों का पहला प्यार सोना ही रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके लॉकर में रखा यह कीमती पीला मेटल आपको इनकम टैक्स के चक्कर में भी फंसा सकता है? अक्सर लोगों के मन में डर रहता है कि घर में कितना सोना रखना सुरक्षित है और कब आयकर विभाग (Income Tax) इस पर सवाल उठा सकता है।
क्या सोना रखने की कोई कानूनी लिमिट है?
सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि भारत में सोना रखने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। आप अपनी हैसियत के हिसाब से कितना भी सोना घर में रख सकते हैं, बशर्ते आपके पास उसे खरीदने का पुख्ता प्रमाण यानी 'सोर्स' मौजूद हो। अगर आप यह साबित कर सकते हैं कि सोना आपकी वैध कमाई से खरीदा गया है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है।
Raid के दौरान कब सुरक्षित रहते हैं आपके गहने?
आयकर विभाग (CBDT) के नियमों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कुछ विशेष छूट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मतलब यह है कि अगर आपके घर में नीचे दी गई मात्रा में सोना मिलता है, तो अधिकारी उसे जब्त नहीं करेंगे:
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विवाहित महिला: 500 ग्राम तक के सोने के गहने।
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अविवाहित महिला: 250 ग्राम तक के सोने के गहने।
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पुरुष (विवाहित या अविवाहित): मात्र 100 ग्राम तक का सोना।
यह राहत केवल गहनों और आभूषणों पर लागू होती है। अगर आपके पास सोने के सिक्के या ईंटें (Bars) हैं, तो उनके लिए आपके पास निवेश के दस्तावेज होना अनिवार्य है, वरना उन्हें जब्त किया जा सकता है।
विरासत और उपहार में मिले सोने का हिसाब
अगर आपको सोना पूर्वजों से विरासत में मिला है या किसी ने तोहफे में दिया है, तब भी आप उसे रख सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपके पास वसीयत, फैमिली सेटलमेंट के कागजात या उपहार देने वाले व्यक्ति का विवरण होना चाहिए। पुराने समय का सोना होने पर अगर आपके पास पुराने टैक्स रिटर्न की कॉपी है, तो वह एक मजबूत सबूत माना जाता है।
बिल न होने पर क्या होगा?
सोना खरीदते समय उसका पक्का बिल लेना आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। अगर आप पुरानी ज्वेलरी बदलकर नई बनवा रहे हैं, तो पुराने बिल के साथ-साथ मेकिंग चार्ज की रसीद भी संभालकर रखें। ध्यान रहे कि ₹2 लाख से ज्यादा के गहने नकद (Cash) में खरीदना गैरकानूनी है; ऐसी खरीदारी हमेशा डिजिटल मोड या चेक के जरिए ही करें।
गहने और सिक्कों के बीच की लक्ष्मण रेखा
ज्यादातर लोग गहनों और सोने के सिक्कों को एक ही तराजू में तौलते हैं, लेकिन कानून की नजर में ये दोनों बिल्कुल अलग हैं। सरकार ने महिलाओं और पुरुषों के लिए गहने (Jewelry) रखने की जो छूट दी है, वह केवल जेवरात तक ही सीमित है। यदि आपके पास सोने के सिक्के, ईंट या बिस्कुट हैं, तो वहां कोई माफी नहीं मिलती। ऐसे 'निवेश वाले सोने' का एक-एक ग्राम का पक्का बिल होना अनिवार्य है। अगर आप यह साबित नहीं कर पाए कि ये सिक्के आपने किस पैसे से खरीदे हैं, तो अधिकारी इन्हें तुरंत कब्जे में ले सकते हैं।
जब सीमा से ज्यादा हो जाए सोना
जांच के दौरान अगर आपके घर में तय लिमिट से अधिक सोना निकलता है, तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है। नियम आपको अपनी सफाई पेश करने का पूरा हक देते हैं। आपको बस यह स्पष्ट करना होगा कि वह सोना आपके पास आया कहां से। क्या वह आपकी मेहनत की कमाई से खरीदा गया है? क्या वह पुरखों की वसीयत का हिस्सा है? या फिर शादी-ब्याह में मिला उपहार? अगर आपके पास बंटवारे के पुराने कागजात या वसीयत जैसा कोई भी ठोस प्रमाण है, तो विभाग आपकी संपत्ति को हाथ नहीं लगाएगा।
कितना सोना रखना है कानूनी?
अक्सर चर्चा होती है कि क्या हम किलो के भाव में सोना घर में जमा कर सकते हैं? इसका सीधा जवाब है— 'हां'। भारतीय कानून में सोना रखने की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। आप 5 किलो रखें या 10 किलो, इससे सरकार को ऐतराज नहीं है। सरकार को परेशानी सिर्फ उस 'बेहिसाब कमाई' से है जिसका टैक्स नहीं भरा गया। अगर आपके पास इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का रिकॉर्ड है और हर खरीदारी का पक्का बिल मौजूद है, तो आप अपनी क्षमता अनुसार जितना चाहें उतना सोना सुरक्षित रख सकते हैं।