Edited By Radhika,Updated: 10 Mar, 2026 01:24 PM

भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मंगलवार को कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विपक्षी दलों के भारी हंगामे और 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद,...
नेशनल डेस्क: भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मंगलवार को कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विपक्षी दलों के भारी हंगामे और 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद, पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने इस प्रस्ताव को सदन में चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया है।
विपक्षी एकजुटता और 'पक्षपात' के आरोप
विपक्ष के कुल 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का मुख्य आरोप है कि स्पीकर का व्यवहार "पक्षपातपूर्ण" रहा है। प्रस्ताव पढ़ते हुए मोहम्मद जावेद ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने से रोका गया। साथ ही, उन्होंने स्पीकर के उस आरोप का भी जिक्र किया जिसमें विपक्षी महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमले की योजना बनाने का कथित झूठा दावा किया गया था।
चर्चा के नियमों पर छिड़ी रार
चर्चा शुरू होने से पहले ही सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एआईएमआईएम (AIMIM) सांसद असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल ने 'डिप्टी स्पीकर' का पद खाली होने पर सवाल उठाए। वेणुगोपाल ने जगदंबिका पाल की अध्यक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, "आपकी नियुक्ति स्वयं स्पीकर ने की है, जबकि इस बहस के लिए सदन को किसी ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहिए जो स्वतंत्र रूप से कार्यवाही का संचालन कर सके।" दूसरी ओर, भाजपा सांसदों रविशंकर प्रसाद और निशिकांत दुबे ने विपक्ष की इन आपत्तियों को "निराधार" बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मुद्दे को उठाने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
पीठासीन अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया है। चर्चा की शुरुआत किरेन रिजीजू करेंगे। उनके साथ अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, रविशंकर प्रसाद, भर्तृहरि महताब और चिराग पासवान सरकार की ओर से मोर्चा संभालेंगे। कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई, मनीष तिवारी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और जोतिमणि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में अपनी दलीलें पेश करेंगे।