परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर संसद में मचा घमासान, विपक्ष ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

Edited By Updated: 16 Apr, 2026 10:39 AM

ruckus erupts in parliament over delimitation and women s reservation bills

संसद के विशेष सत्र के आगाज के साथ ही केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने लोकसभा में पेश किए जा रहे तीन विधेयकों की तीखी आलोचना करते हुए इन्हें "शरारतपूर्ण" और "भ्रामक" करार दिया...

नेशनल डेस्क: संसद के विशेष सत्र के आगाज के साथ ही केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने लोकसभा में पेश किए जा रहे तीन विधेयकों की तीखी आलोचना करते हुए इन्हें "शरारतपूर्ण" और "भ्रामक" करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण की 'पैकेजिंग' में असल में परिसीमन (Delimitation) का खेल खेल रही है, जिसका दूरगामी प्रभाव देश के संघीय ढांचे पर पड़ सकता है।

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कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जिन तीन विधेयकों को लोकसभा में ला रही है, उनकी मार्केटिंग तो 'महिला आरक्षण' के तौर पर की जा रही है, लेकिन उनकी बुनियाद 'परिसीमन' पर टिकी है। रमेश ने आगाह किया कि इन प्रस्तावों से उन राज्यों को अधिक शक्ति मिलेगी जहाँ भाजपा वर्तमान में मजबूत है, जबकि कई अन्य राज्यों की सापेक्ष शक्ति लोकसभा में घट जाएगी। उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का उदाहरण देते हुए इसे "लोकतंत्र के लिए घातक" बताया।

विपक्ष ने रखी ये मांग

सरकार वर्तमान 543 सीटों में से ही 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करे। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। जयराम रमेश के अनुसार, यही वास्तविक Power Sharing है।

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दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सागरिका घोष ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने के बजाय एक नया 'परिसीमन संशोधन बिल' ला रही है। घोष का दावा है कि यह बिल विपक्षी शासित राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करने और भाजपा शासित राज्यों में सीटें बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने इसे "संविधान पर हमला" बताते हुए बिल को सदन में हराने का आह्वान किया है।

सत्र का एजेंडा

संसद के इस तीन दिवसीय विशेष सत्र (16-18 अप्रैल) में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026' और 'परिसीमन विधेयक 2026' पेश करेंगे। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित संशोधन विधेयक पेश करेंगे। चर्चा है कि इन विधेयकों के जरिए लोकसभा सीटों की कुल संख्या को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जा सकता है, जिसे लेकर दक्षिण भारतीय राज्यों और विपक्षी दलों में भारी असंतोष है।

 

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