लखनऊ में आग लगने से 14 लोगों की मौत, जान बचाने के लिए छत से कूदे... PM मोदी ने जताया दुख

Edited By Updated: 22 Jun, 2026 05:51 PM

14 dead in coaching center fire pm modi expresses grief

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर तीन मंजिला एक वाणिज्यिक इमारत में आग लग गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत, जबकि कई गंभीर घायल है। जानकारी के अनुसार कई लोग जान बचाने के लिए छत से कूद पड़े। अधिकारियों ने जानकारी देते...

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर तीन मंजिला एक वाणिज्यिक इमारत में आग लग गई। इस हादसे में 14 लोगों की मौत, जबकि कई गंभीर घायल है। जानकारी के अनुसार कई लोग जान बचाने के लिए छत से कूद पड़े। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल ने बचाव और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''इस घटना में कुछ लोगों के हताहत होने की आशंका है।''

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों के इमारत में फंसे होने की आशंका थी। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन विभाग को अपराह्न करीब तीन बजे अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक कोचिंग संस्थान की इमारत में आग लगने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद कई लोग इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे, जबकि कुछ अन्य लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, किसी के फंसे होने के बारे में पुलिस या अग्निशमन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

 घटनास्थल के नजदीक रहने वाली एक महिला ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मौके पर अफरातफरी मची हुई थी और कुछ लोग कह रहे थे कि छात्र अब भी इमारत के अंदर हो सकते हैं। घटनास्थल से सामले आई तस्वीरों में अग्निशमन कर्मी सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर सीढ़ियों की मदद से बाहर से इमारत पर चढ़ते नजर आ रहे हैं। अग्निशमन कर्मियों की एक अन्य टीम को बगल की उतनी ही ऊंचाई वाली इमारत से ऊपर की तरफ से रास्ता बनाकर अंदर दाखिल होते देखा गया, जबकि अन्य टीम आग बुझाने की कोशिशें करती नजर आ रही थीं।

बचाव अभियान में शामिल अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक सीढ़ी से लैस वाहन सहित 14 दमकल वाहन मौके पर भेजे गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक को रेलिंग के पास आग की लपटों के बीच बिल्डिंग की पहली मंज़िल से गिरते हुए देखा गया। बाहर मौजूद लोगों को उसे तुरंत उस जगह से दूर ले जाते हुए देखा गया। हालांकि, इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही युवक के बारे में कोई जानकारी मिल पाई है।

एक स्थानीय निवासी ने 'पीटीआई-भाषा'को बताया, ''जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा, तो मैंने देखा कि इमारत से धुआं निकल रहा था। कुछ छात्रों को पहले ही बचा लिया गया था और 4-5 छात्र खुद इमारत से बाहर निकलने में कामयाब रहे।'' एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया,''हो सकता है कि आग किसी चिंगारी से लगी हो। अपनी जान बचाने के लिए सात-आठ छात्र इमारत से कूद गए। हालांकि, अब भी करीब 20 से 25 छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका है।'' मौके पर मौजूद अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार ने पुष्टि की कि आग से बचने के लिए कुछ लोग इमारत से कूदे थे। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना में किसी की मौत हुई है या नहीं।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्राथमिकता इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा, ''कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इस बारे में चश्मदीदों से अलग-अलग जानकारी मिल रही है। कुछ समय बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।'' पाठक ने बताया कि इमारत में स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगी थी और सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ''कुछ बच्चों को बचा लिया गया है। उनके दोस्त बता रहे हैं कि दो-तीन या तीन-चार बच्चे अब भी अंदर हो सकते हैं।

अग्निशमन दल के कर्मचारी सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुंच गए हैं, लेकिन अभी तककोई नहीं मिला है। सभी कमरों और शौचालय की जांच कर ली गई है।'' उन्होंने बताया कि घने धुएं के कारण बचाव अभियान मुश्किल हो रहा था, इसलिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारी बगल की इमारत की दीवार तोड़कर भी अंदर दाखिल हुए। पाठक ने कहा, ''गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना, उनका बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और सभी को सुरक्षित बाहर निकालना है।''

उन्होंने कहा कि अस्पताल, एम्बुलेंस और चिकित्सा दल तैयार हैं और घायलों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था की गई है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन मंजिला इमारत की निचली मंजिल पर 'पेट शॉप' (पालतू जानवरों की दुकान) और ऊपरी मंजिल पर एक एनिमेशन सेंटर था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ दमकलकर्मी गीले कंबल लेकर इमारत के अंदर गए और कुछ घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद 'पीटीआई-भाषा' के संवाददाता ने देखा कि आग पर काबू पाने के दौरान स्ट्रेचर और 'बॉडी बैग' (शव को रखने के लिए)भी इमारत के अंदर ले जाए गए। हालांकि, धुआं अभी भी एक चुनौती बना हुआ था।  

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