Edited By Tanuja,Updated: 20 Jun, 2026 07:42 PM

ईरान ने दक्षिणी लेबनान में जारी इजरायली हमलों को अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है। तेहरान ने इसे केवल “पहला कदम” बताया है और चेतावनी दी है कि यदि हमले नहीं रुके तो और कड़े...
International Desk: ईरान ने शनिवार को घोषणा की कि वह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद कर रहा है। ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य मुख्यालय खातम-अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि यह फैसला दक्षिणी लेबनान में जारी इजरायली हमलों और अमेरिका-ईरान समझौते के कथित उल्लंघन के जवाब में लिया गया है। ईरानी सैन्य कमान के बयान के अनुसार “होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जाता है। यह दुश्मन द्वारा किए गए वादाखिलाफी के जवाब में पहला कदम है। यदि आक्रामकता जारी रहती है तो आगे और कदम उठाए जाएंगे।”
ईरान का आरोप है कि हालिया अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने की बात थी, लेकिन दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। इजरायल का कहना है कि उसने हिज्बुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में कार्रवाई की, जबकि दूसरी ओर लेबनान और ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन बता रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए इसके बंद होने की खबर से वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और तेल कीमतों पर असर पड़ सकता है। कुछ दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौता हुआ था, जिसके तहत युद्धविराम और होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई थी। लेकिन लेबनान में नए संघर्ष ने उस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।