भारत में कोरोना से 47 लाख मौतें, WHO के दावे पर सरकार ने जताया ऐतराज...कहा-रिपोर्ट पर भरोसा नहीं

Edited By Seema Sharma,Updated: 06 May, 2022 09:26 AM

47 lakh deaths due to corona in india government objected to who claim

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि साल 2021 के अंत तक दुनियाभर में करीब 1.5 करोड़ मौतें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना वायरस से संबंधित हैं।

नेशनल डेस्क: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि साल 2021 के अंत तक दुनियाभर में करीब 1.5 करोड़ मौतें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना वायरस से संबंधित हैं। हालांकि भारत ने WHO द्वारा कोविड से होने वाली मौतों की संख्या की गणना के लिए डेटा संग्रह प्रणाली का जोरदार खंडन किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर कहा गया कि "आंकड़ा वास्तविकता से पूरी तरह से हटा दिया गया है"।  

 

क्या है WHO की रिपोर्ट
गुरुवार को जारी संगठन के अनुमान के मुताबिक, 1 जनवरी 2020 से 31 दिसंबर 2021 के बीच अतिरिक्त कोविड मौतें हुईं। अतिरिक्त मृत्यु दर का अनुमान लगाने का मतलब है कि महामारी से पहले किसी क्षेत्र में सामान्य तौर पर कितने लोगों की मौतें होती हैं यानि कि वहां आम तौर पर मृत्यु दर का हिसाब क्या रहता है, इसकी तुलना महामारी के बाद वहां हुई लोगों की मौतों से लगाया जाता है।

 

इस आंकड़े में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिनकी मौत कोरोना की चपेट में सीधे तौर पर आने से तो नहीं हुई, बल्कि महामारी के प्रभाव से हुई। ऐसे लोग जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल की सुविधा नहीं मिल पाई। स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अधिकांश अतिरिक्त मौतें (84 प्रतिशत) दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में हुई हैं, वहीं विश्व स्तर पर दस देशों का इन अतिरिक्त मौतों में लगभग 68 प्रतिशत का योगदान रहा। मध्य-आय वाले देशों में 81 प्रतिशत अतिरिक्त मौतें हुई हैं, जबकि उच्च-आय और निम्न-आय वाले देशों में क्रमश: 15 और चार प्रतिशत अतिरक्त मौतें होने का अनुमान है। 

 

WHO रिपोर्ट पर भारत को भरोसा नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और AIIMS डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि WHO द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आंकड़ा 15 मिलियन था जो 6 मिलियन के आधिकारिक आंकड़े के दोगुने से भी अधिक है। भारत में इसी अवधि में कोविड के कारण लगभग 5 लाख 20 हजार मौतें दर्ज की हैं। इस पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि भारत ने WHO के स्वयं के इस स्वीकारोक्ति डेटा पर लगातार सवाल उठाया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि "भारत के मामले में अधिक मृत्यु दर अनुमान लगाने के लिए डेटा संग्रह की प्रणाली खराब और वैज्ञानिक रूप से संदिग्ध है।"

 

साथ ही कहा कि भारत की आपत्ति के बावजूद, WHO ने भारत की चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित किए बिना अतिरिक्त मृत्यु दर का अनुमान जारी किया है। वहीं डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि WHO ने जो आंकड़े जमा किये हैं जो विश्वसनीय नहीं हैं...वो कहीं से भी उठा लिए गए हैं...अपुष्ट स्रोतों से, मीडिया रिपोर्ट्स से या किसी और स्रोत से जो अवैज्ञानिक तरीके से जमा किए गए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वहां से आंकड़े ले लिए जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

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