Edited By Mansa Devi,Updated: 05 Dec, 2025 12:13 PM

इस साल सोना और चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। गोल्ड की कीमत जहां अब तक 50–53% तक बढ़ चुकी है, वहीं विश्व स्वर्ण परिषद ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में दावा किया है कि आने वाले दो वर्षों में सोना और ऊपर जा सकता है।
नेशनल डेस्क: इस साल सोना और चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। गोल्ड की कीमत जहां अब तक 50–53% तक बढ़ चुकी है, वहीं विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council – WGC) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में दावा किया है कि आने वाले दो वर्षों में सोना और ऊपर जा सकता है। अनुमान के अनुसार, दिसंबर 2026 तक सोने के दाम मौजूदा कीमत से 15% से 30% तक बढ़ सकते हैं। फिलहाल सोना लगभग 1.30 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अगर WGC का अनुमान सही बैठता है, तो सोना 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
रिपोर्ट के अनुसार इस साल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और देशों के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर खींच रहा है।
इसके चलते—
सोने की खरीद बढ़ी
कीमतों में जोरदार तेजी आई
➤ दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने भी सोने का भंडार बढ़ाया
➤ कम ब्याज दरों और अस्थिर वैश्विक माहौल ने आने वाले समय में भी सोने के लिए मजबूत परिस्थितियां बना दी हैं।
संभावित गिरावट की चेतावनी भी
हालांकि WGC ने यह भी कहा है कि 2026 में सोना गिर भी सकता है।
रिपोर्ट बताती है कि अगर अमेरिका में आर्थिक वृद्धि अपेक्षा से ज्यादा मजबूत रहती है
डोनाल्ड ट्रम्प की आर्थिक नीतियां सफल होती हैं
➤ और अमेरिका में महंगाई बढ़ने के कारण फेडरल रिज़र्व ब्याज दरें बढ़ा देता है
➤ तो सोने की कीमतें 5% से 20% तक नीचे आ सकती हैं।
➤ ऐसे में निवेशक ज्यादा ब्याज देने वाली संपत्तियों और अमेरिकी बाजारों की ओर लौटेंगे, जिससे सोने की मांग घट सकती है।
डॉलर मजबूत हुआ तो सोने की चमक घट सकती है
रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत डॉलर
➤ निवेशकों का रुझान इक्विटी और हाई-इंटरेस्ट इन्वेस्टमेंट की तरफ बढ़ना
➤ इन हालात में गोल्ड ईटीएफ से बड़ी निकासी हो सकती है और सोने की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
घरेलू बाजार में सोने–चांदी के दाम टूटे
कमजोर वैश्विक संकेतों और अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेड की मीटिंग से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण दिल्ली में सोने का भाव 600 रुपये गिरकर 1,31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। चांदी भी 900 रुपये गिरकर 1,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट दर्ज हुई
हाजिर सोना 0.15% गिरकर 4,197.10 डॉलर प्रति औंस हाजिर चांदी 2% टूटकर 57.34 डॉलर प्रति औंस। विश्लेषकों का कहना है कि फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बाजार में खरीदारी बहुत कम है, जिसके चलते कीमतों में नरमी आई है।