Edited By Purnima Singh,Updated: 28 Jul, 2026 05:32 PM

लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला ...
नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा कानून प्रभावी होता तो पिछले वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक नहीं होते। उन्होंने सरकार पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल कानून में संशोधन कर देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को एक खास दिशा में ले जाना चाहती है और गरीब, दलित तथा वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद ही सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना पड़ा।
अखिलेश यादव ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी मुद्दा उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति, उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े प्रशासनिक फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को केवल कानून बनाने के बजाय प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।