Amit shah vs Mamata: '15 दिन यहीं रहकर चुनावी कमान संभालूंगा' : अमित शाह ने ममता को दी सीधी चुनौती

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 12:50 PM

amit shah directly challenged mamata

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। ऐसे में सियासी सरगर्मी चरम पर है। हाल ही में BJP और TMC के बीच टक्कर देखने को मिली है। बंगाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने वहां की सीएम ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा है...

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। ऐसे में सियासी सरगर्मी चरम पर है।हाल ही में BJP और TMC के बीच टक्कर देखने को मिली है। बंगाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने वहां की सीएम ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा है कि वे बंगाल में चुनाव की कमान को संभालेंगे। इसी के चलते अगले 15 दिनों तक वहीं रहेंगे। जानकारी के लिए बता दें कि अमित शाह बंगाल में बीजेपी के नेता  शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए पहुंचे हैं।

शक्ति प्रदर्शन में बदली नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के भवानीपुर से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया को बृहस्पतिवार को एक 'हाई-वोल्टेज' राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल दिया और दावा किया कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन का ''शॉर्टकट'' मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनकी अपनी सीट पर हराना है। शाह ने कहा कि वैसे तो भाजपा को बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए 170 सीट जीतनी होंगी लेकिन केवल भवानीपुर में अधिकारी की जीत से ही राज्य की राजनीति में अपने आप परिवर्तन आ जाएगा। शाह ने दक्षिण कोलकाता में हाजरा क्रॉसिंग से रोड शो शुरू करने से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए भवानीपुर के मुकाबले को केवल एक और विधानसभा सीट की लड़ाई के रूप में नहीं, बल्कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने के लिए भाजपा के अभियान के प्रतीकात्मक केंद्रबिंदु के रूप में प्रस्तुत किया। शाह ने रैली में मौजूद लोगों से कहा, ''पश्चिम बंगाल में परिवर्तन होगा लेकिन भवानीपुर में परिवर्तन होना चाहिए या नहीं?'' उन्होंने कहा, ''मैं भवानीपुर के लोगों से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि पूरे राज्य की मुक्ति के लिए हमारे उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी को भारी अंतर से जीत दिलाएं।''

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शाह ने कहा

शाह ने कहा कि उन्होंने अधिकारी को नंदीग्राम के अपने पारंपरिक गढ़ तक सीमित रहने के बजाय मुख्यमंत्री के गढ़ भवानीपुर से चुनाव लड़ने के लिए खुद राजी किया। शाह ने कहा, ''शुभेंदु दा नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहते थे। मैंने उनसे कहा कि सिर्फ नंदीग्राम नहीं, आपको ममता बनर्जी के घर में घुसकर उन्हें वहीं हराना है।' उन्होंने लोगों से कहा कि 2021 में सत्ता में लौटने के बावजूद बनर्जी नंदीग्राम में अधिकारी से हार गई थीं। कभी ममता बनर्जी के निकटतम सहयोगियों में शामिल रहे अधिकारी दिसंबर 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे। शाह ने कहा, ''उन्होंने बंगाल में सरकार बनाई लेकिन नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी से हार गईं। इस बार वह केवल पूरे राज्य में ही नहीं, भवानीपुर में भी हारेंगी।'' भवानीपुर एक दशक से अधिक समय से बनर्जी का राजनीतिक गढ़ रहा है। उन्होंने पहली बार 2011 में इस सीट से चुनाव लड़ा था और वाम मोर्चे को हराकर मुख्यमंत्री बनी थीं। वह 2021 में नंदीग्राम में हार के बाद भवानीपुर से आसानी से उपचुनाव जीतकर फिर विधानसभा पहुंचीं और उन्होंने इस सीट को अपने सबसे सुरक्षित राजनीतिक क्षेत्र के रूप में फिर स्थापित किया। भाजपा भवानीपुर में बनर्जी के खिलाफ अधिकारी को मैदान में उतारकर कोलकाता के केंद्र में नंदीग्राम के नाटकीय घटनाक्रम को दोहराने और इस मुकाबले को बंगाल के दो सबसे प्रसिद्ध राजनीतिक चेहरों के बीच प्रतिष्ठा की सीधी लड़ाई में बदलने की कोशिश कर रही है। हाजरा क्रॉसिंग से शुरू हुए रोड शो के दौरान शाह और अधिकारी प्रचार वाहन के ऊपर एक साथ खड़े थे। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने बंगाल में ''परिवर्तन'' के नारे लगाए। शाह ने भवानीपुर को राज्य में सत्ता परिवर्तन के प्रवेशद्वार के रूप में बार-बार पेश किया। उन्होंने 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा, ''हम एक के बाद एक सीट जीतेंगे और 170 तक पहुंचेंगे। तभी परिवर्तन होगा।'' उन्होंने कहा, ''लेकिन मेरे पास एक 'शॉर्टकट' है। अगर भवानीपुर के लोग हमें यह एक सीट जिता दें तो परिवर्तन अपने आप हो जाएगा।'' ''शार्टकट'' वाली टिप्पणी से तात्पर्य है कि अपनी ही सीट पर बनर्जी की हार तृणमूल के लिए मनोवैज्ञानिक झटका होगी।

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शाह ने ''अवैध आव्रजन'' और सीमा सुरक्षा के भाजपा के मुख्य चुनावी मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल को परिवर्तन की जरूरत है। (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व में यहां भाजपा की सरकार बननी चाहिए। बंगाल की सीमाएं सील की जानी चाहिए और घुसपैठियों को चुन-चुनकर राज्य और देश से बाहर किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''घुसपैठ इतनी बढ़ गई है कि बंगाल का अस्तित्व ही खतरे में है।'' ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब भाजपा बांग्लादेश से कथित घुसपैठ और सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे को अपने प्रमुख चुनावी विमर्श के रूप में सामने लाने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वह चुनाव प्रचार के दौरान 15 दिन पश्चिम बंगाल में रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राज्य को कितना महत्व दे रहा है। शाह ने कहा, ''मैं चुनाव के दौरान 15 दिन पश्चिम बंगाल में रहूंगा। आपसे बात करने के कई मौके होंगे। आज मैं अपने उम्मीदवारों, खासकर शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूं।''

शाह से पहले अधिकारी ने हाजरा क्रॉसिंग पर समर्थकों को संबोधित किया और कथित ''भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था एवं तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर'' तृणमूल सरकार पर हमला बोला। अधिकारी ने कहा कि यह चुनाव अब केवल सरकार बदलने का नहीं बल्कि ''बंगाल को मुक्त कराने'' का चुनाव है। रोड शो कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हाजरा क्रॉसिंग से शुरू हुआ और भवानीपुर के बीचोंबीच से गुजरते हुए आगे बढ़ा जिसके बाद अधिकारी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान शाह भी उनके साथ थे।

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