Edited By Rohini Oberoi,Updated: 21 May, 2026 10:14 AM
देश इस समय मौसम के दो चरम रूपों का सामना कर रहा है। उत्तर और मध्य भारत जहां भीषण गर्मी की वजह से भट्ठी की तरह तप रहे हैं वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक और चक्रवाती हवाओं के कारण भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम...
Heatwave Red Alert : देश इस समय मौसम के दो चरम रूपों का सामना कर रहा है। उत्तर और मध्य भारत जहां भीषण गर्मी की वजह से भट्ठी की तरह तप रहे हैं वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक और चक्रवाती हवाओं के कारण भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से आ रही सूखी और बेहद गर्म हवाओं ने उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले लिया है।
बीते दिन देश के 16 प्रमुख शहरों में तापमान 46°C के पार चला गया जिसमें उत्तर प्रदेश का बांदा शहर 48°C के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज हुआ। इसके अलावा मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47.4°C, महाराष्ट्र के वर्धा में 47.1°C और दिल्ली में पारा 46.3°C तक पहुंच गया है।
दिल्ली-NCR में 5 दिन का रेड अलर्ट
राजधानी दिल्ली में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों के लिए दिल्ली में भीषण लू (Severe Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया है। अगले 6 दिनों तक दिन और रात के तापमान में किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। दिल्लीवासियों से दोपहर के समय बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।

इन 15 राज्यों में तपेगी धरती
अगले 5 से 6 दिनों के दौरान देश के निम्नलिखित हिस्सों में भीषण लू और उमस का प्रकोप रहेगा:
भीषण लू (24-26 मई): पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाके।
लगातार तपन (21-26 मई): पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान।
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लू का असर (21-25 मई): पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम।
पहाड़ी इलाकों में गर्मी: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी लू चलने की आशंका है।
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गर्म और उमस भरी रातें: तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में रात के समय भी भारी उमस परेशान करेगी।
वहीं दूसरी तरफ गर्मी के इस टॉर्चर के बीच एक अच्छी खबर भी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंगलवार को श्रीलंका और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों को कवर करने के बाद बुधवार को मानसून ने दक्षिण अरब सागर में प्रवेश कर लिया है। अगले 2-3 दिनों में इसके लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप तक पहुंचने की प्रबल संभावना है जिससे दक्षिणी राज्यों में मौसम बदलेगा।

क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय आसमान में दो बड़ी मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) बना हुआ है। वहीं पंजाब, उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना और विदर्भ तक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) सक्रिय है। इसी टकराव के कारण देश का एक हिस्सा तप रहा है तो दूसरे हिस्से में तेज आंधी और बारिश के हालात बन रहे हैं।

इन 23 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवाती हवाओं और मानसून के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में 26 मई तक भारी बारिश और 50 से 70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। जम्मू-कश्मीर में 22 मई तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल और उत्तराखंड में 23 मई तक 70 किमी/घंटा की रफ्तार वाले अंधड़ और बारिश की आशंका जताई गई है। असम और मेघालय में 23 और 24 मई को भारी बारिश बताई गई है तो वहीं अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 26 मई के बीच मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बात करें अगर दक्षिण और पूर्वी भारत की तो केरल, माहे, लक्षद्वीप, कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक हिस्से), रायलसीमा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।