'नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद नक्सलवादी बन गए', अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला

Edited By Updated: 31 Mar, 2026 03:42 AM

amit shah launches sharp attack on rahul gandhi

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उन पर नक्सलवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया और कहा कि वह कई बार नक्सली समर्थकों के साथ दिखे हैं।

नेशनल डेस्कः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उन पर नक्सलवादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया और कहा कि वह कई बार नक्सली समर्थकों के साथ दिखे हैं। 

अमित शाह ने सदन में वामपंथ उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयास पर हुई चर्चा के बाद कहा कि राहुल गांधी ने नक्सली समर्थकों के साथ मंच साझा किया है। नक्सली नेता हिडमा के मारे जाने के खिलाफ इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन का वीडियो राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी नक्सलवाद का समर्थन किया है। कांग्रेस को जनता की अदालत में इसका जवाब देना होगा। 

उन्होंने कहा, ' हमने धमाके करने वालों को समाप्त किया, तो अब विकास हो रहा है। वर्ष 2014 के बाद साफ़ नीति बनी और यह तय हुआ कि गैरकानूनी काम नहीं चलेगा। राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाकर सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया। सभी एजेंसियों के साथ सामंजस्य से काम किया गया। अब पहले जहां सरकारी अमला और योजनाएं नहीं थीं, वहां यह सब है। सरकार की योजनाएं हर गांव तक पहुंच चुकी हैं। ' 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने नक्सलवादियों को बचाकर रखा, जबकि कई राज्यों में 2024 से पहले नक्सलवाद खत्म हो चुका था। जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में सरकार बदली और भाजपा सरकार रणनीति बदली और नक्सलवाद को समाप्त करने का काम किया। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिले अब मात्र दो बचे हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में सीएपीएफ कैंप बनाकर सुरक्षा चुस्त- दुरुस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि तीन साल के अंदर 706 नक्सली मारे गए, 2218 गिरफ्तार किए गए और 4839 ने आत्मसर्मपण किया। उन्होंने कहा कि जो वार्ता करना चाहता है, उससे वार्ता करनी और जो गोली चलाए उस पर गोली चलाई जाएगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे अभियान का नेतृत्व गृह मंत्रालय कर नक्सलवाद को समाप्त करने काम किया है। कई राज्यों में अलग-अलग राज्यों में नक्सलवाद के ख़लिाफ़ अभियान चलाकर सफलता हासिल की गई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ब्लैक फारेस्ट अभियान में 21 से ज़्यादा दिन चला, जिससे महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में माओवाद को ख़त्म किया गया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंटर कमेटी मेंबर समाप्त हो चुके हैं। अब हम कह सकते हैं अब देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी नक्सलवाद का समर्थन किया, वह भी पाप के उतने ही भागीदार हैं, जितने पास नक्सलियों ने बन्दूक से किया है। सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास करने और उस इलाके के लोगों को रोजगार देने का कम किया है।

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