Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 May, 2026 11:40 AM

Nautapa 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में नौतपा आज 25 मई से आरंभ होने जा रहा है। जो 2 जून तक चलेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस समय के शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। इस बार यह...
Nautapa 2026: वर्ष 2026 में भीषण गर्मी का संकेत देने वाला नौतपा आज 25 मई से शुरू होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उस समय के शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। इस बार यह अवधि 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलेगी। मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं, जिससे तापमान अपने चरम पर होता है।

धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
नौतपा का न केवल धार्मिक बल्कि गहरा वैज्ञानिक महत्व भी है। माना जाता है कि नौतपा के दौरान धरती जितनी अधिक तपती है, मानसून उतना ही बेहतर होता है और आने वाले समय में अच्छी वर्षा की संभावना बढ़ती है। ज्योतिष शास्त्र में इसे भगवान सूर्य की प्रचंड ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।

नौतपा के 9 दिन करें ये काम
अपने घर की छत या खुले स्थान पर पंछियों के लिए दाना-पानी रखें।
राहगीरों को पानी पिलाएं।
जल दान करें।
निर्धनों में अन्न बांटें।
शाम को घर में कर्पूर का दीपक जलाएं।
बुजुर्गों की सहायता करें।
गुड़ और चने का दान जरूरतमंद को दें।
गौ माता को हरा चारा और कुत्ते को रोटी खिलाएं।
सीधी धूप के संपर्क में आने से बचें।
तामसिक भोजन न करें।

नौतपा के 9 दिन न करें ये काम
आंखों पर सनग्लास पहनें बिना धूप में न जाएं।
सिर पर टोपी या कपड़ा पहनें बिना घर से न निकलें।
चेहरे को भी कपड़े या मास्क से कवर किए बिना धूप के संपर्क में न जाएं।
किसी भी तरह का मांगलिक कार्य न करें।
बर्फ वाला अथवा फ्रिज में रखा पानी न पिएं। मिट्टी के घड़े का जल पिएं।
गहरे रंग के वस्त्र न पहनें, हल्के रंग के कपड़ों को प्रथमिकता दें।
संभव हो तो यात्रा न करें, आवश्यक हो तो सतर्कता बरतें।
सूर्य की तेज किरणों के दौरान घर से बाहर न निकलें विशेषकर दोपहर के समय, स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

नौतपा के 9 करें ये उपाय
जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य शुभ स्थान पर होते हैं, उसका भाग्य कभी मंद नहीं पड़ता। वह सूर्य की भांति सदा चमकता रहता है। समाज में उसका विशेष मान-सम्मान होता है। उसके जीवन में सुख-शांति, आरोग्य एवं यश-कीर्ति सदा बने रहते हैं। सूर्य देव ग्रहों के राजा हैं, अतः इनकी पूजा करने से कुंडली में स्थित अन्य ग्रहों की स्थिति भी मजबूत बनती है। नौतपा के 9 दिन करें ये उपाय-
तांबे के पात्र में लाल चन्दन, लाल पुष्प, अक्षत डालकर प्रसन्न मन से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए उन्हें जल अर्पण करें। श्री सूर्यनारायण को तीन बार अर्घ्य देकर प्रणाम करना चाहिए। इस अर्घ्य से भगवान सूर्य प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हुए उन्हें आरोग्य, आयु, धन, धान्य, पुत्र, मित्र, तेज, यश, कान्ति, विद्या, वैभव और सौभाग्य को प्रदान करते हैं।
सूर्य मंत्र- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।
यह ध्यान रहे कि सूर्य भगवान की आराधना का सर्वोत्तम समय सुबह सूर्योदय का ही होता है। आदित्य हृदय का नियमित पाठ करें।