कैंसर के इलाज में बड़ा कदम: चेहरे की फोटो से तय होगी कैंसर मरीज की रिकवरी, 4 करोड़ फोटो से ट्रेन हुआ AI

Edited By Updated: 21 Oct, 2026 11:41 AM

artificial intelligence mass general brigham cancer survival prediction

अमरीका के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा फाउंडेशन AI मॉडल तैयार किया है जो किसी व्यक्ति की सामान्य चेहरे की Selfie का विश्लेषण करके उसकी बायोलॉजिकल उम्र और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में उसके जीवित रहने (Survival Risk) की संभावना का अनुमान लगा सकता है।

नई दिल्ली: अमरीका के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा फाउंडेशन AI मॉडल तैयार किया है जो किसी व्यक्ति की सामान्य चेहरे की Selfie का विश्लेषण करके उसकी बायोलॉजिकल उम्र और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में उसके जीवित रहने (Survival Risk) की संभावना का अनुमान लगा सकता है।

इस AI सिस्टम को मैसाचुसेट्स के एक गैर-लाभकारी, एकीकृत शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा संस्थान 'मैस जनरल ब्रिघम' (Mass General Brigham) के विशेषज्ञों ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य मरीजों की 'बायोलॉजिकल उम्र' (biological age) का पता लगाना और कैंसर से पीड़ित मरीजों के जीवित रहने की संभावनाओं का सीधा अनुमान लगाना है।

यह अब तक के सबसे व्यापक उदाहरणों में से एक है कि कैसे किसी व्यक्ति की सेल्फी का AI विश्लेषण करके उनके स्वास्थ्य का आकलन किया जा सकता है और  उनके इलाज में मदद मिल सकती है। इस सिस्टम को अलग-अलग जातीय समूहों और उम्र के लोगों की 4 करोड़ (40 मिलियन) से अधिक तस्वीरों के डेटा पर प्रशिक्षित (train) किया गया है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का विवरण 'लैंसेट डिजिटल हेल्थ' (Lancet Digital Health) जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस मॉडल पर किए गए एक अध्ययन के नतीजों के अनुसार, यह सिस्टम किसी व्यक्ति की 'बायोलॉजिकल उम्र' का अनुमान लगा सकता है- यानी वह व्यक्ति अपनी वास्तविक उम्र के बजाय दिखने में कितना बड़ा या छोटा लगता है। साथ ही, यह कैंसर के मरीजों के चेहरे की एक सामान्य तस्वीर देखकर उनके जीवित रहने की संभावना का भी अनुमान लगा सकता है।

डॉक्टरों ने इस तकनीक का उपयोग करके दो पूरक (complementary) टूल विकसित किए हैं। 'FAHR-FaceAge' मरीज की बायोलॉजिकल उम्र का अनुमान लगाता है और कैंसर के मामले में जीवित रहने की संभावना बताता है। वहीं, 'FAHR-FaceSurvival' सीधे चेहरे की तस्वीर से जीवित रहने की संभावना का अनुमान लगाता है, न कि बायोलॉजिकल उम्र के जरिए।

हालांकि 'FAHR-FaceAge' और 'FAHR-FaceSurvival' दोनों एक ही मॉडल से तैयार किए गए हैं, लेकिन ये मरीज के स्वास्थ्य के बारे में अलग-अलग और एक-दूसरे के पूरक (complementary) प्रकार की जानकारी देते हैं।

उम्र और मृत्यु के जोखिम का अनुमान लगाने के लिए, दोनों एल्गोरिदम चेहरे के अलग-अलग हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। 'FAHR-FaceAge' नाक के किनारों से लेकर मुंह के कोनों तक बनने वाली रेखाओं, आंखों के ठीक ऊपर माथे के हिस्से और कनपटी (temples) वाले क्षेत्र पर ध्यान देता है। दूसरी ओर, 'FAHR-FaceSurvival' आंखों के नीचे और नाक के पुल (nasal bridge) के आसपास के हिस्से का विश्लेषण करता है।

इस अध्ययन के सह-वरिष्ठ लेखक Hugo Aerts ने कहा, "FAHR-FaceSurvival, चेहरे के स्वास्थ्य की पहचान करने वाले AI के क्षेत्र को एक कदम और आगे ले जाता है। यह कैंसर के मरीजों के चेहरे की तस्वीरों से सीधे तौर पर उनके जीवित रहने के जोखिम का पता लगाता है। हमारी जानकारी के अनुसार, यह पहला ऐसा उदाहरण है जिसमें एक AI मॉडल किसी व्यक्ति की साधारण तस्वीर से सीधे तौर पर कैंसर के मामले में उनके जीवित रहने की संभावना का अनुमान लगा सकता है।" 

अमेरिका में रेडियोथेरेपी से इलाज कराने वाले कैंसर रोगियों में, FAHR-FaceAge के अनुसार जो लोग अपनी वास्तविक उम्र से पांच साल या उससे अधिक बड़े दिखते थे, उनमें चार साल के औसत फॉलो-अप के दौरान बाकी समूह की तुलना में मरने का जोखिम 21% अधिक था। वहीं, जो मरीज पांच साल या उससे अधिक छोटे दिखते थे, उनमें यह जोखिम 17% कम था।

एर्ट्स ने कहा, "इसकी मुख्य तकनीकी खूबी यह है कि FAHR-Face 40 मिलियन से अधिक तस्वीरों से चेहरे की एक सामान्य समझ विकसित करता है। इसके बाद, इसे जैविक उम्र (biological age) और जीवित रहने की संभावना जैसे स्वास्थ्य परिणामों के आधार पर ढाला जा सकता है। यह 'फाउंडेशन-मॉडल' दृष्टिकोण हमें हर मॉडल को शुरू से तैयार करने के बजाय, चेहरे से जुड़े कई स्वास्थ्य बायोमार्कर विकसित करने का एक बेहतर और विस्तार योग्य (scalable) तरीका देता है।"

अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि लोगों की 'जैविक उम्र' का अनुमान उनके शारीरिक स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा है। इससे यह पता चल सकता है कि कोई व्यक्ति कुछ खास तरह के इलाज को सहने और जीवित रहने में कितना सक्षम है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो AI आधारित चेहरे के विश्लेषण (facial analysis) का रास्ता खोल सकती है। इससे डॉक्टरों को अपने मरीजों के इलाज के लिए सबसे सही तरीका चुनने जैसे कठिन फैसले लेने में मदद मिल सकती है। यह टूल कैंसर के लिए बड़ी सर्जरी या अन्य उपचारों के बाद मृत्यु या जटिलताओं (complications) के जोखिम का बेहतर अनुमान लगाने में मददगार हो सकता है।

मैस जनरल ब्रिघम के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेमंड मैक ने कहा, "जैसे-जैसे आबादी की उम्र बढ़ रही है, डॉक्टरों को रेडिएशन, सर्जरी या सिस्टमिक थेरेपी जैसे गहन उपचारों की सलाह देने से पहले, मरीज की शारीरिक क्षमता और कमजोरी (frailty) का बेहतर अनुमान लगाने की जरूरत है।" "हमारा लक्ष्य चेहरे की तस्वीरों के आधार पर होने वाले स्वास्थ्य मूल्यांकन को अधिक सटीक, सुसंगत और विस्तार योग्य (scalable) बनाना है। इससे डॉक्टरों को व्यक्तिगत उपचार के फैसले लेने में मदद मिलेगी, न कि यह डॉक्टरों के अपने निर्णय की जगह लेगा।"

शोधकर्ताओं ने पाया कि जीवनशैली से जुड़े कारक चेहरे की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से जुड़े हैं। उदाहरण के लिए, AI द्वारा चेहरे की तस्वीरों के विश्लेषण में पाया गया कि शराब का अत्यधिक सेवन, नशीले पदार्थों का उपयोग और धूम्रपान करने वाले लोग जैविक रूप से अधिक उम्रदराज दिखते हैं।

डॉ. मैक ने कहा, "एक और चौंकाने वाली बात यह है कि FAHR-FaceAge वास्तविक दुनिया की आम तस्वीरों में भी काफी सटीक और सुसंगत रहा, चाहे तस्वीर में पोज़, लाइटिंग, चेहरे के हाव-भाव या मेकअप कुछ भी हो। यह प्लास्टिक सर्जरी की अधिकांश प्रक्रियाओं के बाद भी स्थिर रहा, केवल राइनोप्लास्टी (नाक की सर्जरी) के बाद इसमें थोड़ा बदलाव देखने को मिला।" डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि हालांकि चेहरे की एक तस्वीर व्यक्तिगत उपचार के फैसलों में मदद करने का एक आसान और सस्ता तरीका हो सकती है, लेकिन इस टूल का व्यापक स्तर पर उपयोग करने से पहले अभी और अधिक शोध की  आवश्यकता है। 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!