जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी: अखिलेश

Edited By Updated: 12 May, 2026 05:31 PM

as long as the corrupt bjp government remains in power the examination

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।...

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया। इसे लेकर अब सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये क्या गारंटी कि दुबारा करवाने पर परीक्षा फिर लीक नहीं होगी। इस समाचार से लाखों बच्चों और उनके करोड़ो परिजनों के बीच भाजपा की भ्रष्टाचारी व्यवस्था के विरुध्द बेहद आक्रोश और हताशा है। 

जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा लीक होती रहेगी
 उन्होंने आगे लिखा जब तक भ्रष्ट भाजपा सरकार रहेगी, ‘लीक’ की लीक पर ही परीक्षा प्रणाली चलती रहेगी। जब तक भाजपा सरकार रहेगी परीक्षा होती रहेगी लीक, भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली होगी ठीक। भाजपा सरकार मतलब नाकाम सरकार!

एफएआईएमए ने कार्रवाई की उठाई मांग 
आप को पेपर लीक मामले को लेकर 'द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन' (एफएआईएमए) ने मंगलवार को मांग की कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र "लीक" होने से जुड़े मामले की समयबद्ध जांच की जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे चकनाचूर 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) को प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आरोपों की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। एफएआईएमए ने कहा कि इस घटनाक्रम ने उन लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भरोसे को चकनाचूर कर दिया है, जिन्होंने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वर्षों से कड़ी मेहनत और त्याग किया।

ऐसी विफलताएं गंभीर कमियों को उजागर करती हैं
 एफएआईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जयदीप कुमार चौधरी ने कहा, "बार-बार सामने आने वाली ऐसी विफलताएं देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक के संचालन के लिए जिम्मेदार तंत्र में गंभीर कमियों को उजागर करती हैं।" डॉ. चौधरी ने कहा कि एफएआईएमए "चिकित्सा शिक्षा में योग्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता" से समझौता करने वाले किसी भी कृत्य की निंदा करता है और इस मामले की "तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच" की मांग करता है। उन्होंने कहा, "हम इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति या संगठन की कड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करने और उन्हें कठोर सजा देने की मांग करते हैं।

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