Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 24 Mar, 2026 09:28 PM

महाराष्ट्र विधानसभा में नाशिक के चर्चित अशोक खरात मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र विधानसभा में नाशिक के चर्चित अशोक खरात मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में किसी सरकारी अधिकारी या राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
महिला अधिकारी को सौंपी गई SIT की कमान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम की अगुवाई एक महिला अधिकारी को दी गई है, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके। सरकार का कहना है कि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
विधानसभा में विपक्षी नेताओं ने इस केस को लेकर कई सवाल खड़े किए। नेताओं ने कुछ आईपीएस और राजस्व अधिकारियों की संभावित भूमिका पर चिंता जताई और मांग की कि जांच न्यायिक निगरानी में कराई जाए। हालांकि, सरकार ने साफ किया कि मौजूदा कानून के तहत SIT जांच में अदालत की सीधी निगरानी का प्रावधान नहीं है।
CM फडणवीस का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल किसी के साथ फोटो खिंचवाने से कोई दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन अगर डिजिटल डेटा की जांच में आर्थिक लेन-देन या किसी तरह की मदद के सबूत सामने आते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
अशोक खरात पर नए गंभीर आरोप
इस बीच अशोक खरात के खिलाफ दो और नए मामले दर्ज किए गए हैं। एक शिकायत में आरोप है कि उन्होंने एक महिला का लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया। इसी मामले में उन्हें 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। दूसरे मामलों में भी महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें धोखे से शोषण और आपत्तिजनक कृत्यों का आरोप शामिल है। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है।
जांच में सामने आ रहे नए पहलू
अधिकारियों के मुताबिक, हालिया शिकायतों में एक गर्भवती महिला के साथ कथित दुष्कर्म और धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं। एक अन्य मामले में एक महिला ने आरोप लगाया है कि शादी कराने का झांसा देकर उसका शोषण किया गया। इन सभी मामलों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
नाशिक का यह मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। सरकार जहां एक ओर सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं विपक्ष जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम साबित हो सकती है।