Edited By Pardeep,Updated: 20 Jan, 2026 08:41 PM

असम के कोकराझार जिले में मंगलवार को भीड़ की हिंसा के बाद कथित तौर पर बोडो और आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) को तैनात किया गया और इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर...
कोकराझार/गुवाहाटीः असम के कोकराझार जिले में मंगलवार को भीड़ की हिंसा के बाद कथित तौर पर बोडो और आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) को तैनात किया गया और इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि सेना की तैनाती के लिए प्रक्रिया जारी है और कोकराझार जिले में झड़पों और भीड़ की हिंसा के बाद आरएएफ पहले से मौके पर मौजूद है। शर्मा ने कहा कि कोकराझार और पड़ोसी चिरांग जिले में इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और सरकार की मदद करने की अपील की।
मुख्यमंत्री अभी विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में भाग लेने के लिए दावोस में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह राज्य सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थिति जल्द से जल्द सामान्य हो जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के नेताओं से जिले में सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने की अपील भी की। पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कोकराझार के लिए रवाना हो गए हैं।
गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात कोकराझार थाने के अंतर्गत करीगांव चौकी क्षेत्र में मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रहे एक वाहन से दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर लग गयी। इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और वाहन को आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करीगांव चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर और कुछ घरों को जला दिया, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने और उसे नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई बल को तैनात किया गया है। बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी ने कहा कि स्थिति 'गंभीर है लेकिन इस क्षेत्र में रहने वाले बोडो और आदिवासियों के बीच कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए'। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बीटीसी के नियंत्रण में नहीं है और संबंधित एजेंसियां स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास कर रही हैं।
मोहिलारी ने कहा, 'लोगों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए और लोगों को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।' गृह विभाग ने सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल भड़काऊ संदेशों और अफवाहों को फैलाने के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए अगले आदेश तक कोकराझार और चिरांग जिलों में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं की इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।