कर्नाटक का बड़ा फैसला: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 02:45 PM

social media ban for children under 16 the first state in the country to do so

कर्नाटक ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में की।

नेशनल डेस्क: कर्नाटक ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में की। सीएम ने कहा कि बच्चों पर मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

देश में पहला कदम
कर्नाटक देश का पहला राज्य बन गया है जिसने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया। इसके अलावा, गोवा, महाराष्ट्र और बिहार में भी इस दिशा में विचार-विमर्श और स्टेकहोल्डर्स की सलाह ली जा रही है। इन राज्यों में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर रोक लगाने को लेकर टास्क फोर्स गठित किया गया है।


अंतरराष्ट्रीय मॉडल का अध्ययन
सीएम Siddaramaiah ने पिछले महीने राज्य के हायर एजुकेशन काउंसिल के वाइस चांसलर से बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण दिया था, जहां उम्र के आधार पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर नियंत्रण लगाया गया है। इस बातचीत में यह तय किया गया कि कर्नाटक सरकार इंटरनेशनल मॉडल का अध्ययन करके इसी दिशा में कदम बढ़ाएगी।


बेंगलुरू में बनेगा AI और रोबोटिक्स इनोवेशन जोन
अपने बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बेंगलुरू में IISC के सहयोग से ISRO और Keonics की मदद से रोबोटिक्स और AI इनोवेशन जोन स्थापित किया जाएगा। इसका मकसद बच्चों और युवाओं को तकनीकी शिक्षा और नवाचार के अवसर देना है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर सोशल मीडिया और मोबाइल के दुष्प्रभाव को देखते हुए यह कदम जरूरी था।


केंद्र सरकार की तैयारी
केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भी पिछले महीने नई दिल्ली में आयोजित AI समिट में कहा था कि भारत में उम्र के अनुसार सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। कई देशों ने यह माना है कि बच्चों की मानसिक और शैक्षणिक सुरक्षा के लिए एज-बेस्ड प्रतिबंध जरूरी हैं। कर्नाटक का यह कदम डिजिटल सुरक्षा और बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। अन्य राज्य भी इस पहल को अपनाने के लिए विचार कर रहे हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!