Edited By Pardeep,Updated: 07 Mar, 2026 06:44 AM

देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार शनिवार 7 मार्च से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि लागू हो गई है।
नेशनल डेस्कः देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार शनिवार 7 मार्च से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि लागू हो गई है। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये का इजाफा किया गया है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबारों पर सीधा असर पड़ेगा।
बड़े शहरों में नई कीमतें
नई दरों के अनुसार अब देश के प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हो गई हैं:
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दिल्ली: 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये
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मुंबई: 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये
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कोलकाता: 879 रुपये से बढ़कर लगभग 930 रुपये
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चेन्नई: 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये
ये नई कीमतें आज से तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
कमर्शियल सिलेंडर भी महंगा
व्यापारिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है।
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दिल्ली: 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये
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मुंबई: 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये
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कोलकाता: 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये
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चेन्नई: 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये
इस बढ़ोतरी का असर खासतौर पर होटल, ढाबे, कैफे और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा क्योंकि वे रोजमर्रा के कामकाज के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं।

लगभग एक साल बाद बदली घरेलू गैस की कीमत
बताया जा रहा है कि अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बदलाव किया गया है। उस समय दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 853 रुपये थी, जो अब बढ़कर 913 रुपये हो गई है।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार का बयान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने हाल ही में कहा कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य नागरिकों को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है और देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों का खंडन
इस बीच Indian Oil Corporation ने सोशल मीडिया पर फैल रही पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। कंपनी ने कहा कि भारत में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई तथा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य तरीके से काम कर रहा है। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर निगरानी
सरकारी सूत्रों के अनुसार Strait of Hormuz के रास्ते संभावित आपूर्ति बाधा की चिंताओं के बावजूद भारत फिलहाल काफी सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों से आपूर्ति बढ़ाने की योजना भी तैयार है।
रूस से बढ़ा कच्चे तेल का आयात
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात को कई देशों में विभाजित किया है। Russia से तेल आयात भी तेजी से बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2022 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी केवल 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन अब यह काफी बढ़ गई है। फरवरी में भारत ने लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रतिदिन, यानी करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल रूस से आयात किया।
एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश
एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने देश की सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश में फिलहाल एलपीजी का स्टॉक संतोषजनक स्तर पर है।
अमेरिका से भी आ रहा एलपीजी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक United States से एलपीजी की सप्लाई जनवरी से भारत आनी शुरू हो गई है। नवंबर 2025 में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 2026 के लिए एक साल का समझौता किया था, जिसके तहत अमेरिका के गल्फ कोस्ट से लगभग 2.2 मिलियन टन एलपीजी आयात किया जाएगा। इस तरह वैश्विक तनाव और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित और पर्याप्त है।