Tata Motors के प्लांट में हुई गैस की किल्लत, 50% तक उत्पादन घटाने का खतरा

Edited By Updated: 06 Mar, 2026 06:26 PM

gas shortage may see tata motors cut sanand output sources say

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का सीधा असर अब भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग पर दिखने लगा है। प्राकृतिक गैस और प्रोपेन की भारी कमी के कारण टाटा मोटर्स को गुजरात के साणंद स्थित अपने संयंत्रों में उत्पादन में 50% तक की कटौती करनी पड़ सकती है। गुजरात गैस...

अहमदाबाद: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का सीधा असर अब भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग पर दिखने लगा है। प्राकृतिक गैस और प्रोपेन की भारी कमी के कारण टाटा मोटर्स को गुजरात के साणंद स्थित अपने संयंत्रों में उत्पादन में 50% तक की कटौती करनी पड़ सकती है। गुजरात गैस लिमिटेड, जो इन संयंत्रों को ईंधन की आपूर्ति करती है, ने पुष्टि की है कि सैन्य संघर्ष की वजह से देश के प्रमुख गैस आपूर्तिकर्ताओं ने उद्योगों के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति आधी कर दी है।

उत्पादन प्रक्रिया पर संकट 

साणंद प्लांट में इन गैसों का उपयोग मुख्य रूप से पेंट-शॉप ओवन को गर्म करने और पेंट को सुखाने (curing) के लिए किया जाता है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, चूंकि कारों को प्रोडक्शन लाइन के अंत में पेंट किया जाता है, इसलिए बिना पेंट किए उन्हें इन्वेंट्री में रखना संभव नहीं है। ईंधन की कमी के कारण पूरी प्रोडक्शन लाइन को बंद करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

लोकप्रिय मॉडलों पर पड़ेगा असर 

टाटा मोटर्स के साणंद स्थित दो संयंत्रों की सालाना क्षमता 4,50,000 से अधिक कारों के निर्माण की है। यहाँ नेक्सॉन (Nexon), टियागो (Tiago), टिगोर (Tigor), सिएरा (Sierra) और कर्व (Curvv) जैसे लोकप्रिय मॉडलों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का भी निर्माण होता है। वर्तमान में टाटा मोटर्स की भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में लगभग 45% हिस्सेदारी है।

बढ़ती मांग के बीच झटका

यह संकट ऐसे समय में आया है जब टाटा मोटर्स की कारों की मांग में भारी तेजी देखी जा रही थी। फरवरी महीने में कंपनी ने अपनी बिक्री में 35% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की थी और निर्यात में भी 167% का उछाल आया था।

बाजार और वित्तीय स्थिति इस खबर के बाद शेयर बाजार में टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट देखी गई और यह 1% गिरकर 351.45 रुपये पर आ गया। 

गौरतलब है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी ने पहले ही 34.86 अरब रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जो मुख्य रूप से साइबर हमले के कारण इसकी सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर पर पड़े प्रभाव का परिणाम था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गैस आपूर्ति में यह कटौती कब तक जारी रहेगी। टाटा मोटर्स की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।

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