Edited By Rahul Rana,Updated: 01 Aug, 2026 03:30 PM

बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इसमें शामिल एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पटना: बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इसमें शामिल एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने पुष्टि की है कि एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई हुई है। अनुसंधान चल रहा है और न्यायिक जांच भी चल रही है।
एसटीएफ के जवान अक्षय पर आरोप
पुलिस ने एसटीएफ के आरोपी जवान अक्षय को आरा से गिरफ्तार किया है। आरा एसपी ने भी इसकी पुष्टि की है। यह ऑपरेशन आरा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मिलकर चलाया था। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
17 जून का एनकाउंटर
17 जून की सुबह डीएसपी और थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम भरत तिवारी के घर पहुंची थी। उन्हें अपने साथ लेकर जवईनिया बाढ़ विस्थापितों के लिए आवंटित जमीन वाले इलाके में ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने अपना हथियार डाल दिया था और सरेंडर कर दिया था। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का देकर गड्ढे में गिराया और गोलियां चला दीं। मृतक की मां आशा देवी ने दावा किया था कि उनके बेटे को पांच गोलियां मारी गईं, जिससे उनकी मौत हो गई।
गांव की समस्या उठा रहे थे
भरत तिवारी के परिवार ने यह भी आरोप लगाया था कि भरत लगातार फेसबुक लाइव के जरिए क्षेत्र की समस्याओं को उठा रहे थे। पिता काशीनाथ तिवारी को भी शाहपुर पुलिस ने दो दिनों तक थाने में बंद रखा था। परिजनों के आवेदन के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी। मामले की जांच इंस्पेक्टर संजीव कुमार को सौंपी गई थी। एनकाउंटर के बाद शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत पांच पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका था।