Edited By Pardeep,Updated: 26 Apr, 2026 09:47 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शोर के बीच हिंसा की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता के घर से लगभग 100 देसी बम बरामद किए हैं।
नेशनल डेस्कः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शोर के बीच हिंसा की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता के घर से लगभग 100 देसी बम बरामद किए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
खुफिया सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को भांगर के संवेदनशील इलाके में विस्फोटक रखे होने की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसी आधार पर रफीकुल इस्लाम नामक व्यक्ति के आवास पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में बम बरामद हुए। बताया जा रहा है कि रफीकुल इस्लाम कथित तौर पर सत्ताधारी पार्टी टीएमसी से जुड़ा हुआ है। इस जब्ती के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और बढ़ा दी है।
चुनाव आयोग का सख्त रुख और NIA की एंट्री
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त से लेकर ओसी और आईसी रैंक तक के अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। यदि किसी भी क्षेत्र में विस्फोटक या धमकी भरी रणनीति सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने बंगाल पुलिस को बम बनाने वालों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बम बनाने से जुड़े सभी मामलों की जांच अब एनआईए (NIA) करेगी।
सियासी पारा चढ़ा
पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग अपने चरम पर है। राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को आएंगे। इस बार बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है। ऐसे में चुनावों के बीच बमों की यह बरामदगी कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि जनता सत्ता की चाबी किसे सौंपती है।