Edited By Radhika,Updated: 14 Apr, 2026 04:58 PM

पश्चिम बंगाल में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की जोरों से तैयारियां कर रही हैं। राज्य में ममता बनर्जी और पीएम मोदी के बीच कांटें की टक्कर देखने को मिल रही है। बंगाल के चुनावी रण में 'दीदी' बनाम...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की जोरों से तैयारियां कर रही हैं। राज्य में ममता बनर्जी और पीएम मोदी के बीच कांटें की टक्कर देखने को मिल रही है। बंगाल के चुनावी रण में 'दीदी' बनाम 'मोदी' की यह जंग अब एक नई मनोवैज्ञानिक लड़ाई में बदल चुकी है।
इमोशनल कार्ड पर खेल कर चुनाव जीतने की तैयारी में ममता
इन दिनों ममता बनर्जी बीरभूम, बर्धमान और दुर्गापुर जैसी जगहों पर ताबड़तोड़ रैलियां कर रही हैं। उनके भाषणों में वही पुराना आक्रामक और भावुक अंदाज नजर आ रहा है। ममता बनर्जी अपनी रैलियों में केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों जैसे ED/CBI पर निशाना साध रही हैं। दीदी बंगाल की जनता के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव बनाते हुए यह दावा कर रही हैं कि इस बार TMC 226 से ज्यादा सीटें जीतकर वापसी करेगी।

बिना नाम लिए ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार
पीएम मोदी ने अपनी रैलियों में ममता बनर्जी का नाम न लेते हुए तीखा कटाक्ष किया है। पीएम ने ममता सरकार को घेरते हुए 'कटमनी', 'सिंडिकेट राज' और 'माफिया राज' जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इसके अलावा हाल ही में पीएम मोदी की उत्तराखंड में दूरबीन के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी। नेटिजन्स ने इस पर तंज कसते हुए लिखा कि "मोदी जी देहरादून से दूरबीन लगाकर बंगाल की हर चाल पर नजर रखे हुए हैं।"
बंगाल में ममता vs BJP होगी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ममता बनर्जी ने इस चुनाव को ममता vs BJP बना दिया है। इसी के साथ यहां पर सवाल उठता है कि क्या ममता 'अकेली लड़ाई' और सहानुभूति कार्ड भाजपा के 'बदलाव' के वादे पर भारी पड़ेगा? इस सवाल के जवाब के लिए फिलहाल इंतजार करना होगा।