बड़ी खबर: हवाई सफर होगा सस्ता! मोदी सरकार ने विमान ईंधन (ATF) में इथेनॉल ब्लेंडिंग को दी हरी झंडी

Edited By Updated: 22 Apr, 2026 08:51 PM

big news air travel will be cheaper

देश के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत सरकार ने अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमानों के ईंधन में इथेनॉल मिलाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब विमानों में...

नई दिल्ली: देश के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारत सरकार ने अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमानों के ईंधन में इथेनॉल मिलाने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब विमानों में पारंपरिक तेल के साथ-साथ इथेनॉल और अन्य सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकेगा।

घटेगा हवाई किराया, आम आदमी को राहत
इस ऐतिहासिक फैसले का सबसे बड़ा असर हवाई किराए पर पड़ने की उम्मीद है। वर्तमान में विमान पूरी तरह से महंगे विदेशी कच्चे तेल पर निर्भर हैं। ईंधन में इथेनॉल और सिंथेटिक ईंधन मिलाने से एयरलाइंस कंपनियों का परिचालन खर्च कम होगा, जिससे आने वाले समय में हवाई टिकट की कीमतें सस्ती हो सकती हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशों से आयात होने वाले महंगे कच्चे तेल पर निर्भरता को कम करना है।

प्रदूषण पर लगाम और 'नेट जीरो' का लक्ष्य
सिर्फ जेब ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी यह फैसला वरदान साबित होगा। सरकार का लक्ष्य विमानों से होने वाले उत्सर्जन को कम कर भारत को 'नेट ज़ीरो' की ओर ले जाना है। स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल से आसमान में प्रदूषण कम होगा और यह 'क्लीन एनर्जी' की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

किसानों की बढ़ेगी आमदनी
इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के शीरे, मक्का और खराब अनाज से होता है। ऐसे में इस फैसले से देश के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा होगा। आंकड़ों के अनुसार, 2014 से अब तक इथेनॉल ब्लेंडिंग के जरिए भारत ने ₹1.63 लाख करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है और किसानों को उनकी फसल के लिए लगभग ₹1.43 लाख करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

अभी कोई अनिवार्य लक्ष्य नहीं
सरकार ने फिलहाल इथेनॉल मिश्रण के लिए कोई तत्काल अनिवार्य लक्ष्य या समय-सीमा तय नहीं की है। हालांकि, ईंधन को अब IS 17081 जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर मिलाया जा सकेगा। जानकारों का कहना है कि नियमों में यह बदलाव भविष्य की 'हरित विमानन' नीति की नींव है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!