Edited By Tanuja,Updated: 03 Sep, 2026 06:19 PM

अमेरिका में रह रहे बिहार मूल के अरहम इश्तियाक का वीडियो वायरल है। उन्होंने कहा कि 20 साल की उम्र में विदेश से भारत लौटने का आर्थिक असर ज्यादा हो सकता है, जबकि 40 की उम्र में बचत और संपत्ति वाले लोगों के लिए यह आसान हो सकता है। उन्होंने युवाओं को...
Washington: विदेश जाकर बसने और फिर भारत लौटने को लेकर बिहार मूल के एक भारतीय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अमेरिका में रह रहे अरहम इश्तियाक ने विदेश में संघर्ष, कमाई और भारत वापसी के अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि 20 और 40 साल की उम्र में भारत लौटने का फैसला एक जैसा नहीं होता। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में इश्तियाक ने एनआरआई लोगों को मुख्य रूप से दो वर्गों में बांटते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की उम्र और उसकी आर्थिक स्थिति यह तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है कि विदेश छोड़कर भारत लौटना उसके लिए कितना आसान या मुश्किल होगा।
इश्तियाक के मुताबिक, पहला वर्ग उन युवाओं का है जो करीब 20 साल की उम्र में विदेश जाते हैं। इस समय वे अपने करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं। उनके पास न तो बड़ी बचत होती है और न ही विदेश में लंबे समय से बनाई गई संपत्ति। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं के लिए विदेश में उपलब्ध कमाई और करियर के अवसरों को छोड़कर भारत लौटना बड़ा आर्थिक फैसला हो सकता है। होटल उद्योग से जुड़े इश्तियाक ने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि अमेरिका में वह रोजाना 20 हजार रुपये से ज्यादा कमा सकते हैं। उनके मुताबिक, भारत में इसी स्तर की कमाई हासिल करना हर युवा के लिए आसान नहीं होगा।इश्तियाक ने दूसरी श्रेणी में 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रखा। उनका कहना है कि इस उम्र तक विदेश में रहने वाले कई लोग अपनी बचत, संपत्ति और आर्थिक सुरक्षा मजबूत कर चुके होते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति विदेश में करीब 2 करोड़ रुपये कमा रहा है और भारत में उसकी आय 1 करोड़ रुपये रह जाती है, तो पहले से जमा संपत्ति और बचत के कारण उसके जीवन पर इसका प्रभाव उतना बड़ा नहीं होगा। यानी उनके मुताबिक, आर्थिक रूप से स्थापित व्यक्ति के लिए भारत लौटना जीवनशैली में बदलाव तो ला सकता है, लेकिन उसके पास पहले से बनाई गई वित्तीय सुरक्षा मौजूद रहती है। इश्तियाक ने साफ किया कि उनका उद्देश्य युवाओं को हमेशा के लिए भारत से दूर रहने की सलाह देना नहीं है। इसके बजाय उन्होंने युवाओं को अपने आरामदायक दायरे से बाहर निकलने और विदेश जाकर जीवन को करीब से समझने की सलाह दी।
उनका कहना है कि युवाओं को विदेश जाकर संघर्ष करना चाहिए, कमाना चाहिए, नई चीजें सीखनी चाहिए और अलग माहौल में जीवन का अनुभव लेना चाहिए। इसके बाद उन्हें खुद तय करना चाहिए कि उनका भविष्य भारत में है या विदेश में। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंट गईं। कुछ यूजर्स ने इश्तियाक की बात का समर्थन किया और विदेश में युवाओं के संघर्ष तथा करियर की प्रतिस्पर्धा का जिक्र किया। एक यूजर ने लिखा कि परिवार के साथ समय बिताने का मौका कई लोगों को नहीं मिल पाता और उन्हें ऐसी दौड़ में शामिल होना पड़ता है, जहां उनसे कई गुना ज्यादा प्रतिभाशाली लोग मौजूद हैं।वहीं, दूसरे यूजर ने इश्तियाक की बात पर असहमति जताते हुए कहा कि उन्हें भारत छोड़ने के अपने फैसले को सही साबित करने की जरूरत नहीं है। यूजर ने कहा कि हर व्यक्ति अपने लिए बेहतर विकल्प चुनता है और उसे उसी में खुश रहना चाहिए।